राजधानी जयपुर के बगरू स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव में शुक्रवार को उस समय भारी तनाव फैल गया, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के को-कन्वीनर आशुतोष रांका अपनी टीम के साथ एक सरकारी प्राथमिक स्कूल का जायजा लेने पहुंचे। ग्रामीणों ने CJP नेताओं के दौरे का कड़ा विरोध करते हुए उनके साथ तीखी धक्का-मुक्की की और उन्हें गांव से बाहर खदेड़ दिया। प्रदर्शन के दौरान CJP कार्यकर्ताओं के वाहनों पर पथराव भी किया गया, जिससे स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।
जर्जर स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थी CJP टीम, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
बताया जा रहा है कि रामपुरा-कंवरपुरा स्थित प्राथमिक स्कूल का भवन बेहद जर्जर हालत में है, जिसके चलते बच्चों को पास के एक बाड़े में बिठाकर पढ़ाया जा रहा है। CJP की टीम शुक्रवार को इसी शिक्षा व्यवस्था और स्कूल की बदहाली का रियलिटी चेक करने पहुंची थी। लेकिन जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और बाहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि सरकार द्वारा स्कूल के लिए 12.50 लाख रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं और वे अपने स्तर पर काम करवा लेंगे।
ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर रास्ता किया बंद, गाड़ियों पर हुआ पथराव
विवाद बढ़ने पर ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर मुख्य रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर नाकेबंदी कर दी और धरना शुरू कर दिया। इस दौरान सीजेपी कार्यकर्ताओं की गाड़ियों को निशाना बनाते हुए पथराव किया गया, जिससे कई गाड़ियों के शीशे टूट गए और कार्यकर्ताओं को जान बचाकर वहां से निकलना पड़ा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
आशुतोष रांका ने लगाया बीजेपी पर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने बयान जारी कर आरोप लगाया कि विरोध करने वाले सामान्य ग्रामीण नहीं थे, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा भेजे गए लोग थे जिन्होंने स्कूल के हालात छिपाने के लिए यह हमला करवाया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की खस्ताहाल स्थिति को उजागर करने से रोकने के लिए यह प्रायोजित विरोध किया गया है। वहीं पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है और मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
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