BMC Polls Campaign 12 Lakh Banner Cost – बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा महापालिका आम चुनाव के प्रचार-प्रसार और मतदाता जनजागरूकता के लिए चलाए गए विज्ञापन अभियान पर करीब 12.78 लाख रुपये का भारी-भरकम खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस अभियान में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि होर्डिंग्स और पोस्टरों की वास्तविक छपाई (Printing) की तुलना में विज्ञापनों को फ्रेमों पर चढ़ाने और बाद में उतारने (Mounting and Removal) की प्रक्रिया पर लगभग बराबर और असामान्य रूप से अधिक धनराशि खर्च की गई। ‘उत्सव लोकशाहीचा, गर्व मुंबईचा’ (लोकतंत्र का उत्सव, मुंबई का गर्व) थीम के तहत शहरभर के विभिन्न वार्डों में लगाए गए इन विज्ञापनों के बिल सामने आने के बाद नागरिक हलकों में टेंडर प्रक्रिया और सार्वजनिक धन के उपयोग पर सवाल उठने लगे हैं।
BMC Polls Campaign 12 Lakh Banner Cost – 96 हजार वर्ग फुट से अधिक फ्लेक्स का काम; 24 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच चला था अभियान
नागरिक प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, आगामी नगर निगम आम चुनावों के मद्देनजर मतदाताओं को जागरूक करने के लिए 24 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 के बीच विशेष प्रचार मुहिम चलाई गई थी। इसके तहत नगर निगम सीमा क्षेत्र में आने वाले सभी अधिकृत विज्ञापन फलकों और प्रमुख चौराहों पर नागरिक संदेश प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए थे। इस अभियान के दौरान शहरभर में कुल 96,282 वर्ग फुट फ्लेक्स का कार्य संपन्न कराया गया। इस आपात कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए प्रशासन द्वारा अल्पकालिक ई-निविदा (Short-term Tender) आमंत्रित की गई थी।
BMC Polls Campaign 12 Lakh Banner Cost – छपाई पर 6.53 लाख, तो बैनर लगाने-उतारने पर 6.24 लाख रुपये का भारी खर्च
खर्च के जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि कुल 12.78 लाख रुपये में से फ्लेक्स की वास्तविक डिजिटल छपाई पर 6.53 लाख रुपये का खर्च आया। वहीं दूसरी तरफ, इन पोस्टरों और फ्लेक्स को लोहे के ढांचों पर चढ़ाने और निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें नीचे उतारने के काम पर अकेले 6.24 लाख रुपये खर्च किए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य तौर पर बैनर लगाने और हटाने का खर्च कुल प्रिंटिंग लागत के 20 से 30 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए, लेकिन इस अभियान में मजदूरी और फिटिंग का खर्च लगभग छपाई बिल के बराबर पहुंच गया, जो असामान्य वित्तीय प्रबंधन की ओर इशारा करता है।
BMC Polls Campaign 12 Lakh Banner Cost – सार्वजनिक धन के उपयोग पर उठे सवाल; विपक्ष ने टेंडर प्रक्रिया की जांच की उठाई मांग
नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं ने इस खर्च को लेकर नगर निगम के विज्ञापन विभाग पर निशाना साधा है। आलोचकों का आरोप है कि संक्षिप्त निविदाओं की आड़ में ठेकेदारों को अनुचित वित्तीय लाभ पहुंचाया गया। जहां एक तरफ बीएमसी शहर को ‘फ्लेक्स-फ्री’ बनाने और अवैध पोस्टरों पर नकेल कसने के अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ ही हफ्तों के जनजागरूकता अभियान में लाखों रुपये के फ्लेक्स लगाना और उनकी फिटिंग पर इतना भारी बजट खर्च करना विरोधाभासी है। इस मामले में अब टेंडर आवंटन और दरों के युक्तिकरण की विस्तृत जांच की मांग की जा रही है।
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