BMC Parksite Tenants – मुंबई के पूर्वी उपनगर विक्रोली (Vikhroli) स्थित पार्कसाइट नगर निगम कॉलोनी (Parksite BMC Colony) के पुनर्विकास प्रोजेक्ट को लेकर बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) और स्थानीय निवासियों के बीच कानूनी जंग शुरू हो गई है। कॉलोनी के जीर्ण-शीर्ण भवनों के पुनर्विकास की स्पष्ट योजना न होने और बेहद घटिया व दूरदराज स्थित ट्रांजिट आवासों (Transit Housing) के आवंटन के विरोध में ‘पार्कसाइट एकता वेलफेयर एसोसिएशन‘ ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। किरायेदारों का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन ने निर्माण शुरू होने और खत्म होने की कोई आधिकारिक समयसीमा बताए बिना तथा निवासियों की वैध सहमति (Consent) लिए बिना ही जबरन विस्थापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट की पीठ 12 अक्टूबर को सुनवाई करेगी।
BMC Parksite Tenants – 62 वर्षों से रह रहे परिवारों को 180 वर्ग फीट के संकरे कमरों में धकेला; बुनियादी सुविधाओं का टोटा
उच्च न्यायालय में दायर याचिका और निवासियों के बयानों के अनुसार, 16 एकड़ में फैली इस बीएमसी कॉलोनी की 28 इमारतों में 624 से अधिक किरायेदार परिवार दशकों से रह रहे हैं। कई परिवारों का कहना है कि वे पिछले 60-62 वर्षों से 290 से 300 वर्ग फीट के मूल कमरों में रह रहे थे, लेकिन ट्रांजिट कैंप के नाम पर उन्हें लाल बहादुर शास्त्री (LBS) मार्ग व अन्य स्थानों पर महज 180 से 270 वर्ग फीट के संकरे कमरों में छह-छह सदस्यों के साथ रहने को मजबूर कर दिया गया है। ट्रांजिट कैंपों में साफ-सफाई, सीवेज और बुनियादी स्वच्छता की कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते निवासियों को खुद ही कचरा साफ करना पड़ रहा है।
BMC Parksite Tenants – गंभीर जल संकट और स्मार्ट मीटर के चलते 7 से 10 हजार तक के भारी-भरकम बिजली बि
ट्रांजिट आवासों में विस्थापित किए गए परिवारों ने आरोप लगाया कि जैसे-जैसे पुनर्वासित लोगों की संख्या बढ़ी है, नगर निगम की ओर से मिलने वाली जलापूर्ति बेहद कम हो गई है। दैनिक जरूरतों के लिए स्थानीय पूर्व पार्षदों द्वारा मंगाए जाने वाले पानी के टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इसके साथ ही ट्रांजिट फ्लैटों में लगाए गए स्मार्ट मीटरों की वजह से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर हर महीने 7,000 से 10,000 रुपये तक के अत्यधिक बिजली बिलों का आर्थिक बोझ लाद दिया गया है। सामाजिक और बच्चों की स्कूली दूरी बढ़ने के कारण परिवारों का दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है।
BMC Parksite Tenants – ‘अस्थायी रूप से स्थानांतरित लोग हमारी जिम्मेदारी’; बीएमसी ने माना रखरखाव में हुई खामी
मामले पर बढ़ते आक्रोश के बीच बीएमसी एन-वार्ड (घाटकोपर) के सहायक आयुक्त जयदीप मोरे ने स्वीकार किया कि ट्रांजिट कैंपों में सफाई और मेंटेनेंस की कमी को लेकर नागरिकों ने उनसे शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि अस्थायी रूप से विस्थापित किए गए नागरिक बीएमसी की कानूनी जिम्मेदारी हैं और उन्होंने भांडुप स्थित एस-वार्ड को तुरंत सफाई व सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर, निवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से 405 वर्ग फीट के पक्के मालिकाना हक वाले घरों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन जब तक बीएमसी परियोजना की पारदर्शी समयसीमा और ट्रांजिट कैंपों में मानवीय सुविधाएं सुनिश्चित नहीं करती, तब तक कानूनी लड़ाई जारी रहेगी
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