Opposition Walks Out BMC – बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की स्थायी समिति की बैठक में बुधवार को उस समय भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जब विपक्षी दलों के पार्षदों ने नई ‘व्यापक ट्रेंचिंग और पुनर्स्थापन नीति 2026’ (Comprehensive Trenching and Reinstatement Policy 2026) के विरोध में सदन से वॉकआउट कर दिया। सत्ताधारी गठबंधन द्वारा आपत्तियों के बीच ध्वनिमत से इस नीति को मंजूरी दिए जाने के खिलाफ कांग्रेस और एआईएमआईएम (AIMIM) के पार्षदों ने कड़ा एतराज जताया। विपक्ष का सीधा आरोप है कि नई नीति से टेलीकॉम और यूटिलिटी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया जा रहा है, जिससे देश की सबसे अमीर महानगर पालिका को सालाना कम से कम 120 करोड़ रुपये के भारी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा।
Opposition Walks Out BMC – 200 करोड़ से घटकर 80 करोड़ रह जाएगी बीएमसी की कमाई; विपक्ष ने फाड़ा नीति का दस्तावेज
बीएमसी में कांग्रेस विधायक दल के नेता अशरफ आजमी ने प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि संशोधित नीति के चलते नगर निगम की वार्षिक ट्रेंचिंग आय 200 करोड़ रुपये से घटकर महज 80 करोड़ रुपये रह जाएगी। वहीं, एआईएमआईएम पार्षद जमीर कुरैशी ने आरोप लगाया कि यूटिलिटी कंपनियां अब खुद खुदाई कर मरम्मत का काम करेंगी, जिससे बीएमसी का स्वतंत्र राजस्व स्रोत बंद हो जाएगा और 40 हजार रुपये का काम महज 4 हजार रुपये में निजी हाथों को सौंपा जा रहा है। कुरैशी ने विरोध स्वरूप दस्तावेज की प्रतियां फाड़ दीं और वॉकआउट करते हुए चेतावनी दी कि इससे मुंबई की सड़कों की गुणवत्ता और डामरीकरण के स्तर में भारी गिरावट आएगी।
Opposition Walks Out BMC – ‘अन्य निकायों की तुलना में 10 गुना अधिक थी दर’; सत्तापक्ष ने किया नीति का बचाव
विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने कहा कि बीएमसी की पुरानी पुनर्स्थापन दरें राज्य के अन्य नगर निगमों की तुलना में 10 गुना तक अधिक थीं। जहां अन्य निगम 3,000 रुपये प्रति मीटर शुल्क लेते थे, वहीं बीएमसी 30,000 रुपये तक वसूल रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप दरों का युक्तिकरण (Rationalisation) किया गया है। शिंदे के अनुसार, नई नीति के तहत सड़कों के निर्माण के साथ ही यूटिलिटी डक्ट बिछाना अनिवार्य किया गया है ताकि नवनिर्मित सड़कों को बार-बार खोदने से बचाया जा सके। इसके बाद प्रस्ताव को बहुमत के आधार पर औपचारिक रूप से पारित कर दिया गया।
Opposition Walks Out BMC – दरें 6,711 से घटकर 2,300 रुपये प्रति मीटर; जीआईएस मैपिंग और 10 साल की डिफेक्ट लायबिलिटी लागू
वर्ष 2023 के दिशा-निर्देशों की जगह लागू होने वाली नई नीति के तहत, सड़क निर्माण के साथ चलने वाले यूटिलिटी कार्यों के लिए पुनर्स्थापन शुल्क 6,711 रुपये से घटाकर 2,300 रुपये प्रति मीटर कर दिया गया है। अनधिकृत खुदाई पर मानक शुल्क का पांच गुना जुर्माना लगाने का कड़ा प्रावधान भी किया गया है। इसके अलावा, सभी यूटिलिटी एजेंसियों के लिए 30 दिनों के भीतर वेब-आधारित जीआईएस (GIS) प्रणाली पर भूमिगत केबलों की डिजिटल मैपिंग अनिवार्य कर दी गई है। सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (DLP) को सीमेंट-कंक्रीट सड़कों के लिए बढ़ाकर 10 साल और अन्य सड़कों के लिए 5 साल कर दिया गया है।
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