
बॉम्बे लीक्स ,नई दिल्ली
राजस्थान में राजेंद्र गुढ़ा ने कांग्रेस का हाथ छोड़कर शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) का दामन थाम लिया है। गुढ़ा विधानसभा में लाल डायरी दिखाकर चर्चाओं में आए थे, हालांकि उन्हें इस घटना के बाद मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया था। वहीं, एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र और राजस्थान की धरोहर का मिलन हुआ है।महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री और शिवसेना गुट के नेता सीएम शिंदे ने गुढ़ा को पार्टी की सदस्यता की शपथ दिलाई।
शिवसेना ज्वाइन करने के बाद जब राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा से उनके अगले लक्ष्य को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘सीएम एकनाथ शिंद के साथ मिलकर पूरे देश में नौजवानों और महिलाओं के लिए काम करेंगे। चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा , ‘वह सौ फीसदी चुनाव लड़ेंगे।राजेंद्र गुढ़ा चुनाव कहां से लड़ेंगे ये नहीं बताया। विधानसभा चुनाव से पहले उनके द्वारा शिवसेना ज्वाइन करने पर सियासी हलकों में इसे कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं राजेंद्र गुढ़ा के शिवसेना में शामिल होने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कहा, राजेंद्र गुढ़ा ने जनता के लिए आवाज लिए आवाज उठाई।क्या इसमें इनकी गलती थी।राजेंद्र गुढ़ा ने राजस्थान सरकार में मंत्री पद छोड़ दिया, लेकिन सच्चाई नहीं छोड़ी।राजेंद्र गुढ़ा की तारीफ करते हुए शिंद ने कहा, देश को आप जैसे सच्चे नेता की जरुरत है, जो अपने स्वार्थ को परे रख कर जनता का फायदा देखते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे आपने मंत्री पद छोड़ दिया था, ठीक इसी तरह एक साल पहले मैं ने और मेरे साथ 9 मंत्रियों ने मंत्री पद छोड़ दिया था, ये हमने सच्चाई के लिए और बालासाहेब के विचारों के लिए सत्ता का त्याग किया था।बता दें कि राजस्थान सरकार की कैबिनेट से बर्खास्त होने के बाद राजेंद्र गुढ़ा 24 जुलाई को एक ‘लाल डायरी’ लेकर विधानसभा पहुंचे थे। दावा किया था कि डायरी में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ आरोपों की पूरी लिस्ट है। हालांकि, उन्हें उस दिन सदन से बाहर कर दिया गया था।गुढ़ा ने कहा था कि कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों ने उनसे वो डायरी छीन ली। ये भी कहा था कि उनके पास डायरी का दूसरा हिस्सा भी है।राजेंद्र गुढ़ा को उनके एक बयान के बाद मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया था। कांग्रेस 21 जुलाई को विभानसभा में BJP से मणिपुर की घटना पर सवाल कर रही थी।उसी समय राजेंद्र गुढ़ा ने कहा था कि ये सच्चाई है कि हम महिलाओं की सुरक्षा में असफल हो गए।राजस्थान में जिस तरह से महिलाओं पर अत्याचार बढ़े हैं, हमें मणिपुर की जगह अपने राज्य की स्थिति देखनी चाहिए।
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