शाहिद अंसारी
मुंबई:मुंबई हाईकोर्ट ने समाजी कार्यों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने वाले परिवार के वंशज अली अकबर सर आदमजी पीरभोए की ओर से दाखिल उस याचिका का निपटारा कर दिया है जिसमें सैफी अस्पताल पर उस कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है जहां पीरभोए परिवार के लोगों को सुपुर्दे खाक किया गया है।
याचिका में कहा गया है कि पीरभोए परिवार ने सैफी अस्पताल के निर्माण के लिए जमीन दान में दी थी।बाद में उन्हें पता चला कि अस्पताल ने उस कब्रिस्तान की जमीन पर भी अवैध तौर पर कब्जा कर लिया है जिसमें उनके परिजनों को दफनाया गया है। याचिकाकर्ता अली अकबर पीरभोए ने अपनी याचिका में अस्पताल न्यास के दोषी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
इस मामले में मुंबई हाईकोर्ट के न्यायाधीश रंजीत मोरे और डा शालिनी पी जोशी ने याचिका का निपटारा करते हुए पुलिस से पीरभोए के परिवार का बयान दर्ज करने और सात दिनों के भीतर उचित कार्रवाई करने को कहा है।
पीरभोए परिवार ने बताया कि अधिकारियों की ओर से अभी कार्रवाई किया जाना बाकी है हालांकि हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार पुलिस ने 30 जनवरी को उनके बयान दर्ज कर लिए हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इससे पीरभोए परिवार की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा एक हजार से अधिक कब्रों को खोदे जाने के बाद 2012 में किया गया था और उसके बाद सैफी हास्पिटल का निर्माण किया गया।
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