BMC Disqualifies Firm Trash Barrier Desilting Case – बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने शहर के नालों में कचरा रोकने के लिए लगाए जाने वाले ‘ट्रैश बैरियर’ (Trash Barrier) के एक महत्वपूर्ण और बहुचर्चित ठेके में कड़ी कार्रवाई की है। नाला सफाई (डिसिल्टिंग) और मलबे के उठान में पूर्व में सामने आई अनियमितताओं तथा घोटालों के दायरे में चल रही एक प्रमुख ठेकेदार फर्म को बीएमसी ने तकनीकी और कानूनी छानबीन के बाद आगामी टेंडर प्रक्रिया से पूरी तरह अयोग्य (Disqualify) घोषित कर दिया है। नागरिक प्रशासन द्वारा यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि मानसून के दौरान जलभराव रोकने के लिए किए जाने वाले बुनियादी कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और किसी भी संलिप्त या दागी एजेंसी को सार्वजनिक धन के बड़े ठेके न मिल सकें।
BMC Disqualifies Firm Trash Barrier Desilting Case – डिसिल्टिंग और कचरा प्रबंधन घोटालों में नाम आने के बाद बीएमसी का सख्त कदम
पिछले कुछ वर्षों में मुंबई के विभिन्न प्रमुख नालों और नदियों की सफाई (डिसिल्टिंग) के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जी बिलिंग, अपर्याप्त मलबे के उठान और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे, जिसकी विभिन्न स्तरों पर जांच चल रही है। इसी कड़ी में जब बीएमसी ने शहरभर में नालों पर ठोस कचरा रोकने के लिए आधुनिक ट्रैश बैरियर लगाने और उनके रखरखाव हेतु नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किए, तो तकनीकी और प्रशासनिक मूल्यांकन के दौरान एक प्रमुख फर्म के पिछले रिकॉर्ड में गंभीर खामियां पाई गईं। नियमों और टेंडर की शर्तों के उल्लंघन के आधार पर नगर निकाय ने इस फर्म को इस अनुबंध की दौड़ से बाहर कर दिया है।
BMC Disqualifies Firm Trash Barrier Desilting Case – जलभराव रोकने के लिए ट्रैश बैरियर की अनिवार्यता, पारदर्शी एजेंसियों को प्राथमिकता
बीएमसी के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और स्टॉर्म वाटर ड्रेन (SWD) विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मुंबई को भारी बारिश के दौरान जलभराव से बचाने के लिए नालों में प्लास्टिक और ठोस कचरा जाने से रोकना अत्यंत आवश्यक है। नालों के मुहाने पर लगाए जाने वाले ये ट्रैश बैरियर कचरे को छानकर पानी के सहज प्रवाह को बनाए रखते हैं। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संवेदनशील और पर्यावरण से जुड़े कार्यों में केवल उन्हीं ठेकेदार एजेंसियों को अनुमति दी जाएगी जिनकी साख और पिछला कार्य निष्पादन पूरी तरह बेदाग रहा हो। दागी फर्म के बाहर होने से अन्य पात्र और प्रतिस्पर्धी एजेंसियों के लिए मार्ग प्रशस्त हुआ है।
BMC Disqualifies Firm Trash Barrier Desilting Case – नागरिक संगठनों ने सराहा फैसला, भविष्य के सभी ठेकों में कड़ी निगरानी के निर्देश
बीएमसी के इस कदम का स्थानीय नागरिक संगठनों और पर्यावरणविदों ने स्वागत किया है। जानकारों का मानना है कि इस तरह की सख्त प्रशासनिक कार्रवाई से ठेकेदारों में जवाबदेही तय होगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। नगर निगम आयुक्त ने सभी संबंधित इंजीनियरिंग विभागों को यह भी निर्देश दिए हैं कि भविष्य के सभी बड़े नागरिक अनुबंधों में टेंडर की शर्तों का कड़ाई से पालन हो और यदि कोई एजेंसी मानकों पर खरी नहीं उतरती है, तो उसके खिलाफ तुरंत ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जाए।
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