Mumbai Lake Levels Update – देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को पेयजल की आपूर्ति करने वाले सातों प्रमुख जलाशयों (Seven Supply Lakes) में जल भंडारण स्तर तेजी से बढ़कर 95.95 फीसदी तक पहुंच गया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, झीलों के कैचमेंट क्षेत्रों में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण कुल उपयोगी जल भंडारण 13,88,785 मिलियन लीटर (ML) दर्ज किया गया है। कुल 14,47,363 मिलियन लीटर की पूर्ण क्षमता के मुकाबले झीलों के लगभग लबालब भरने से आने वाले पूरे वर्ष के लिए मुंबईकरों की जलापूर्ति को लेकर बड़ी सुरक्षा मिल गई है।
Mumbai Lake Levels Update – कुल क्षमता का 95.95% हिस्सा भरा, पिछले साल के मुकाबले स्थिर स्थिति
बीएमसी के भांडुप मास्टर कंट्रोल रूम के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को झीलों में 95.87 फीसदी जल भंडारण था, जिसमें 24 घंटे के भीतर मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 95.95 फीसदी के आंकड़े को छू गया। हालांकि, यह आंकड़ा पिछले वर्ष 29 अगस्त को दर्ज किए गए 96.51 फीसदी से आंशिक रूप से कम है, लेकिन 2024 के 95.75 फीसदी के मुकाबले बेहतर स्थिति में है। मानसून के सक्रिय रहने से शेष बचे बांधों के जलस्तर में भी लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है।
Mumbai Lake Levels Update – विहार झील पूरी तरह फुल, मोदक सागर और तानसा भी ओवरफ्लो के करीब
मुंबई के विभिन्न सातों जलाशयों के व्यक्तिगत स्तर की बात करें तो शहर के भीतर स्थित विहार (Vehar) झील 100 फीसदी उपयोगी क्षमता (27,698 ML) के साथ पूरी तरह लबालब भरी हुई है। इसके साथ ही मोदक सागर (Modak Sagar) 99.99 फीसदी, तानसा (Tansa) 98.37 फीसदी, तुलसी (Tulsi) 98.12 फीसदी और मिडल वैतरणा (Middle Vaitarna) 97.95 फीसदी तक भर चुके हैं। मुंबई को सबसे ज्यादा पानी सप्लाई करने वाली सबसे बड़ी भातसा (Bhatsa) झील में 95.98 फीसदी और अपर वैतरणा (Upper Vaitarna) में 89.76 फीसदी पानी जमा हो चुका है।
Mumbai Lake Levels Update – अक्टूबर तक 100% भंडारण का लक्ष्य, शहर को नहीं सताएगा जल संकट
मुंबई महानगर को प्रतिदिन लगभग 3,900 मिलियन लीटर से 3,950 मिलियन लीटर पेयजल की आवश्यकता होती है। मानसून के अंत तक (1 अक्टूबर तक) यदि झीलों में 100 फीसदी यानी करीब 14.47 लाख मिलियन लीटर पानी का कोटा पूरा हो जाता है, तो पूरे वर्ष मुंबईकरों को बिना किसी कटौती के निर्बाध पानी मिलता रहेगा। बीएमसी जल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अगस्त माह में झीलों के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई अच्छी बारिश ने शहर को जल संकट के खतरे से पूरी तरह बाहर निकाल दिया है और स्थिति पूरी तरह संतोषजनक है।
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