
बॉम्बे लीक्स ,मुंबई
एनसीपी में अजीत पवार समेत बागी विधायकों द्वारा पार्टी में फूट करने के बाद अब शरद पवार ने बदलाव की शुरुआत कर दी है। मुंबई में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने पार्टी पदाधिकारियों की एक बैठक की।जहां पवार ने बड़े बदलाव करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी महिला इकाई का ज़िम्मा रोहिणी खडसे कोड़े दिया।शरद पवार ने महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष पद पर विद्या चव्हाण की जगह रोहिणी खडसे को मौका दिया है। साथ ही पवार ने बबनराव गीते को क्षेत्रीय उपाध्यक्ष के पद पर प्रमोशन दे दिया।माना जा रहा है कि शरद पवार के रोहिणी खडसे को जिम्मेदारी देने के पीछे बड़ा मकसद छिपा हुआ है।रोहिणी खडसे एकनाथ खडसे की बेटी है।
दरअसल रोहिणी खडसे जलगांव जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान संचालक हैं। उन्होंने वकालत की शिक्षा ली है। वर्ष 2019 में भाजपा ने एकनाथ खडसे का टिकट काटकर उनकी जगह रोहिणी खडसे को टिकट दिया था, लेकिन वे मामूली अंतर से चुनाव हार गई। इसके बाद एकनाथ खडसे के साथ रोहिणी खडसे भी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गईं।रोहिणी ने 2015 से 2021 तक जलगांव जिला केंद्रीय सहकारी बैंक की अध्यक्ष के रूप में काम किया था। जबकि 2015 से वर्तमान तक वह महाराष्ट्र राज्य सहकारी कपड़ा महासंघ की उपाध्यक्ष हैं। वह 2013 से वर्तमान तक आदिशक्ति मुक्ताई सहकारी सूत गिरनी लिमिटेड की अध्यक्ष रहीं। उनके कार्यकाल के दौरान बैंक ने कम्प्यूटरीकरण, एटीएम जैसी सेवाएं शुरू कीं। इस दौरान बैंक ने कई क्षेत्रों में पुरस्कार जीते।रोहिणी खडसे ने कहा कि मुझे महिला प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी दी गई है। मैं एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार, सांसद सुप्रिया सुले, प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल, सांसद फौजिया खान की आभारी हूं। मैं महाराष्ट्र में महिला संगठन को बढ़ाने का प्रयास करती रहूंगी। यह पूछे जाने पर कि आपके प्रदेश अध्यक्ष बनने से विद्या चव्हाण नाखुश हैं? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि विद्या चव्हाण नाराज नहीं है। उनकी उपस्थिति में मुझे नियुक्ति पत्र दिया गया। उनके आशीर्वाद और मार्गदर्शन में मैं काम करूंगी। रोहिणी खडसे ने कहा कि वे जानती हैं कि भाजपा किस तरह काम करती है। इससे मेरा काम करना आसान होगा।वहीं एनसीपी को लेकर इंडिया गठबंधन में भरम की स्थिति बनी हुई है।हालांकि शरद पवार को लेकर महा विकास अघाड़ी गठबंधन में शामिल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव ठाकरे खेमा) का कहना है कि उन्हें उन पर भरोसा है, लेकिन हाल की उनकी गतिविधियों से जनता में भ्रम पैदा हो गया है। ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि शरद पवार एक बार साफ कर दें कि वे भाजपा के साथ है या फिर इंडिया गठबंधन के साथ।दूसरी तरफ महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि मुंबई में होने वाली बैठक से पहले एनसीपी नेता शरद पवार साफ कर चुके हैं कि उनके भतीजे और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत कुछ अन्य नेताओं ने राज्य के विकास के लिए नहीं बल्कि ईडी की कार्रवाई के डर से भाजपा से हाथ मिलाया है।
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