
बॉम्बे लीक्स ,राजस्थान
राजस्थान के चुनावी साल के नजदीकीयो के बीच कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई तेज़ होती जा रही है।राज्य के सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है।पायलट ने एलान किया है कि अब वे सरकार के खिलाफ संघर्ष यात्रा करने वाले है।गहलोत के लगाए गए आरोपों पर सचिन पायलट ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग चाहते हैं कि कांग्रेस कमजोर हो। सचिन पायलट ने 5 दिन की पदयात्रा का ऐलान किया। इस दौरान पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि मैं अब ना उम्मीद हो चुका हूं, संघर्ष यात्रा निकालूंगा। मैं लोगों के बीच अपनी आवाज उठाऊंगा। अजमेर से जयपुर की पदयात्रा करूंगा। 5 दिन की इस यात्रा में लोगों से बात करूंगा।
गौरतलब है कि राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत के खिलाफ बड़ा हमला करते हुए पदयात्रा करने की घोषणा की है। उन्होंने ये कदम ऐसे समय में उठाया है जब एक तरफ राहुल गांधी राजस्थान में ही मौजूद थे।वहीं दूसरी तरफ बुधवार (10 मई) को पीएम मोदी राजस्थान का दौरा करने वाले हैं।पायलट के मुताबिक अशोक गहलोत का रविवार को धौलपुर में दिया गया भाषण यह दर्शाता है कि उनकी नेता सोनिया गांधी नहीं, बल्कि वसुंधरा राजे हैं। पायलट ने गहलोत के उन आरोपों का पुरजोर खंडन किया कि 2020 में उनके (गहलोत के) खिलाफ बगावत करने वाले विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी से पैसे लिये थे और उन्हें (विधायकों को) बीजेपी नेता अमित शाह को पैसे वापस कर देने चाहिए।ऐसे में अब राजस्थान का सियासी समीकरण देखने लायक होगा।क्योंकि अपनी ही सरकार के खिलाफ सचिन पायलट ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर 11 मई से अजमेर से जयपुर तक जनसंघर्ष पदयात्रा निकालने की भी घोषणा की।सचिन पायलट ने कहा कि मैं 11 मई को अजमेर से एक जन संघर्ष यात्रा निकालूंगा और हम जयपुर की तरफ आएंगे। यह 125 किमी की यात्रा होगी। 5 दिन की यात्रा में जनता के बीच जाऊंगा, उनके बीच अपनी बात रखूंगा। सही निर्णय तब लिए जाएंगे जब जनता का पूरा साथ होगा। उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष की बात नहीं मानना गलत है। पिछले साल 25 अगस्त विधायक दल की बैठक के बीच गहलोत खेमे के विधायकों के मीटिंग में नहीं आने पर भी पायलट ने सवाल उठाए। उन्हें इसे अनुशासनहीनता करार दी। साथ ही इस मामले में कार्रवाई नहीं किए जाने पर भी सवाल खड़े किए।कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री जिस तरह से आरोप लगा रहे हैं, वह गंभीर राजनीति कदापि नहीं है।पायलट ने कहा, “मुख्यमंत्री जी का भाषण परसों धौलपुर में हुआ और इससे एक बात और स्पष्ट हो गई है।उस भाषण को सुनने के बाद मुझे ऐसा लगता है कि माननीय मुख्यमंत्री जी की नेता सोनिया गांधी जी नहीं हैं, बल्कि उनकी नेता वसुंधरा राजे सिंधिया जी हैं।बता दें कि जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेस करते हुए सचिन पायलट ने अशोक गहलोत के आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया। सचिन पायलट ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का धौलपुर का भाषण सुना। उसे सुनकर ऐसा लगता है कि जैसे उनकी नेता सोनिया गांधी नहीं वसुंधरा राजे हैं। एक तरफ यह कहा जा रहा कि हमारी सरकार को गिराने का काम भाजपा कर रही थी। दूसरी तरफ कहा जाता है कि हमें बचाने का काम वसुंधरा राजे कर रही थी। आप कहना क्या चाहते हैं, आपको स्पष्ट करना चाहिए। मैं जनता के बीच इस मुद्दे को उठाऊंगा।इस बीच प्रधानमंत्री मोदी भी बुधवार को राजस्थान के दौरे पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री राजस्थान में 5,500 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे।मोदी राजसमंद और उदयपुर में दो लेन में उन्नयन के लिए सड़क निर्माण परियोजनाओं और उदयपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए आधारशिला रखेंगे।
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