भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को और अधिक विस्तार देते हुए रूस जल्द ही भारत को S-400 वायु रक्षा प्रणाली का पांचवां रेजिमेंट सौंपने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच साल 2018 में रक्षा सौदे के तहत तय किए गए सभी पांचों सिस्टम भारत को मिल जाएंगे।
India Russia Defence – दिसंबर में रूस जाएगा भारतीय दल, जनवरी से शुरू होगी डिलीवरी
रक्षा मामलों के जानकारों के अनुसार, इस खेप की निगरानी के लिए दिसंबर में एक भारतीय पूर्व-प्रेषण (pre-dispatch) टीम रूस का दौरा करेगी। इसके बाद जनवरी से इसके कलपुर्जों और घटकों के भारत पहुंचने की संभावना है। हालांकि शुरुआती अनुमान नवंबर में डिलीवरी का था, लेकिन अब समयसीमा में थोड़ा बदलाव किया गया है।
India Russia Defence – ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बेहद कामयाब साबित हुआ था S-400
मई 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान S-400 प्रणाली ने अपनी असाधारण क्षमता का प्रदर्शन किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तानी क्षेत्र के भीतर लगभग 300 किलोमीटर दूर स्थित एक पाकिस्तानी एयरबोर्न वार्निंग एयरक्राफ्ट को निशाना बनाने में सफलता हासिल की थी और दुश्मन के ड्रोन हमलों से भी महत्वपूर्ण ठिकानों की रक्षा की थी।
India Russia Defence – पांच और प्रणालियों के अधिग्रहण का प्रस्ताव विचाराधीन
शुरुआती पांच रेजिमेंट का यह क्रम पूरा होने के बाद भारत अपनी बहु-स्तरीय वायु रक्षा ग्रिड को और मजबूत करने के लिए पांच अतिरिक्त S-400 सिस्टम खरीदने की योजना पर भी काम कर रहा है। इसके साथ ही कम दूरी के खतरों से निपटने के लिए रूसी पैंटसिर (Pantsir) मिसाइल सिस्टम पर भी विचार किया जा रहा है।
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