मध्य पूर्व में जारी सैन्य तनाव के बीच यमन और सऊदी अरब में मिसाइल तथा ड्रोन हमलों की नई घटनाएं सामने आई हैं। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने आरोप लगाया है कि हूती विद्रोहियों ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को दक्षिणी शहर अदन स्थित राष्ट्रपति भवन और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। दूसरी ओर, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने मक्का और मदीना क्षेत्रों की ओर भेजे गए कथित हूती ड्रोन को हवा में नष्ट करने का दावा किया है। हालांकि, हूती संगठन के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सऊदी क्षेत्र की ओर ड्रोन भेजने के आरोपों से इनकार किया है। इस बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं पर भी पड़ रहा है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी अरब के तीन प्रमुख शहरों के लिए अपनी उड़ानें 14 नवंबर तक निलंबित रखने की घोषणा की है।
अदन के राष्ट्रपति भवन और एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का आरोप
यमन के दक्षिणी शहर अदन में शुक्रवार को एक बार फिर मिसाइल हमलों की खबर सामने आई। यमन की सरकारी सेना के प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नुजैली ने आरोप लगाया कि हूती विद्रोहियों ने अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अल-माशीक राष्ट्रपति भवन परिसर को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया।
अदन वर्तमान में यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र है। अल-माशीक राष्ट्रपति भवन परिसर में सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय भी स्थित हैं।
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शहर में कम से कम दो बड़े धमाकों की आवाज सुनी गई। कुछ रिपोर्टों में राष्ट्रपति भवन परिसर की ओर एम्बुलेंस जाते देखे जाने का भी उल्लेख है।
हालांकि, ताजा हमले में किसी की मौत, घायल होने या इमारतों को हुए नुकसान का आधिकारिक विवरण अभी उपलब्ध नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि सभी मिसाइलें अपने निर्धारित लक्ष्यों तक पहुंचीं या नहीं।
इससे पहले बुधवार, 28 अक्टूबर को भी अदन हवाई अड्डे पर मिसाइल हमला हुआ था। यमनी अधिकारियों के अनुसार, उस घटना में दो नागरिक घायल हुए थे और हवाई अड्डे के रनवे को नुकसान पहुंचा था।
मरम्मत के बाद गुरुवार को हवाई अड्डे पर उड़ान सेवाएं फिर शुरू की गई थीं, लेकिन शुक्रवार को नए हमले का दावा सामने आने से सुरक्षा संबंधी चिंताएं दोबारा बढ़ गई हैं।
अक्टूबर के मध्य में भी अल-माशीक राष्ट्रपति भवन पर बड़ा मिसाइल हमला हुआ था, जिसमें यमन सरकार के अनुसार पांच लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे।
लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण अदन के महत्वपूर्ण सरकारी और नागरिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मक्का-मदीना की ओर ड्रोन भेजने का सऊदी अरब का आरोप, हूतियों ने किया इनकार
यमन में हुए कथित मिसाइल हमलों के बीच सऊदी अरब ने भी हूती विद्रोहियों पर अपने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया है।
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने शुक्रवार को दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने मक्का और मदीना क्षेत्रों में कथित हूती ड्रोन को रोककर नष्ट किया।
मक्का और मदीना इस्लाम धर्म के दो सबसे पवित्र शहर हैं। मक्का में काबा स्थित है, जबकि मदीना में मस्जिद-ए-नबवी है। इस वजह से इन क्षेत्रों के आसपास किसी भी सैन्य गतिविधि को बेहद संवेदनशील माना जाता है।
सऊदी गठबंधन के अनुसार, उसकी वायु रक्षा प्रणाली लगातार ड्रोन तथा मिसाइल खतरों की निगरानी कर रही है।
हालांकि, हूती संगठन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा कि संगठन ने शुक्रवार को सऊदी अरब की ओर कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया।
उन्होंने सऊदी गठबंधन के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि हूती अभियानों का निशाना सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठान और सैन्य ठिकाने रहे हैं।
दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी दावों के बीच इन ड्रोन घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि सीमित है।
इस बीच सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं पर हाल के दिनों में कई हमलों की खबरें सामने आई हैं।
मध्य पूर्व में जारी व्यापक संघर्ष के कारण लाल सागर, यमन और सऊदी अरब के आसपास सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की सऊदी उड़ानें 14 नवंबर तक बंद, यात्रियों को रिफंड का विकल्प
मध्य पूर्व में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति का असर भारत और सऊदी अरब के बीच हवाई यातायात पर भी पड़ रहा है।
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को घोषणा की कि जेद्दा, रियाद और दम्माम के लिए उनकी उड़ानें 14 नवंबर 2026 तक निलंबित रहेंगी।
दोनों एयरलाइंस के अनुसार, क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए यात्रियों और विमान परिचालन की सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है।
इससे पहले रियाद और दम्माम के लिए उड़ानें 7 नवंबर तक तथा जेद्दा के लिए सेवाएं 31 अक्टूबर तक निलंबित रखने की घोषणा की गई थी। अब प्रतिबंध की अवधि बढ़ा दी गई है।
एयरलाइंस ने प्रभावित यात्रियों के लिए टिकट बदलने और रिफंड की सुविधा भी उपलब्ध कराई है।
जिन यात्रियों ने 30 अक्टूबर या उससे पहले टिकट बुक किए थे और जिनकी यात्रा 14 नवंबर तक निर्धारित थी, वे उपलब्ध सीटों के आधार पर एक बार बिना अतिरिक्त रीबुकिंग शुल्क के अपनी यात्रा की तारीख बदल सकते हैं।
ऐसे यात्रियों को 29 नवंबर तक की वैकल्पिक यात्रा चुनने का विकल्प दिया गया है। टिकट रद्द करने पर पूरा रिफंड प्राप्त करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
एयर इंडिया के यात्री सऊदी अरब में उपलब्ध अन्य परिचालित हवाई अड्डों के लिए भी रीबुकिंग कर सकते हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी अरब और बहरीन में अपने परिचालित गंतव्यों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का विकल्प दिया है।
इंडिगो और अकासा एयर ने भी सऊदी अरब की कुछ उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित की हैं। इससे विशेष रूप से जेद्दा और अन्य शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों के कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं।
इस बीच यमन सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से नागरिक हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की मांग की है।
मध्य पूर्व में सैन्य तनाव कम नहीं होने की स्थिति में क्षेत्रीय हवाई यातायात और समुद्री व्यापार को आगे भी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
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