
पीड़ित शाहिद शेख
शाहिद अंसारी
मुंबई:बुधवार को रात 11 बजे मुंबई के गोरेगांव पुलिस थाने की हद में हनुमान नगर इलाके में पीड़ित शाहिद शेख को कुछ नशेड़ियों ने पुरानी रंजिश के चलते कोयते,बैट और बेल्ट से बुरी तरह पीटा।ज़ख्म से लहूलहान शाहिद जब गोरेगांव पुलिस थाने पहुंचे तो ड्युटी पर तैनात पुलिस उप निरिक्षक विशाल सावंत ने कहा कि इस मामले में केवल एनसी दाखिल होगी।लेकिन जब पीड़ित ने कूपर हॉस्पिटल में अपना एलाज करवाने के बाद मेडिकल सर्टिफिकेट लेकर पुलिस थाने पहुंचे तो काफी जद्दोजेहद करने के बाद पुलिस ने रात 2 बजे समीर शेख,आमिर शेख,सप्पू नाम के तीन लोगों के खिलाफ़ धारा 324,504,34 के तहेत मामले में FIR तो दर्ज की लेकिन अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया।पीड़ित के सर में चार टांके लगे लेकिन गोरेगांव पुलिस थाने ने उनपर धारा 326,307 नहीं लगाई।

जांच अधिकारी इंस्पेक्टर विशाल सावंत
गोरेगांव पुलिस ने आरोपियों को बचाते हुए जिन धाराओं के तहेत FIR दर्ज करनी थी वह नहीं की।हालांकि इस तरह के मामले में धारा 307(हत्या की कोशिश) और 326 (शरीर पर घातक हथियारों से गंभीर वार करना) के तहेत मामला दर्ज करना चाहिए।लेकिन पुलिस ने पहले तो मामला दर्ज करने से कतरा रही थी और जब मामला दर्ज किया तो हलकी फुलकी धाराऐं लगा कर खाना पुरी करते नज़र आई।अक्सर पुलिस आरोपियों से मिलकर हलकी फुलकी धाराऐं लगा कर उन्हें बचाने की कोशिश करती है और इस मामले में भी ऐसा ही हुआ।
इस बारे में जब जांच अधिकारी विशाल सावंत से बात की गई तो उन्होंने यह कहकर फोन कट कर दिया कि अगर इस तरह की धारा लगानी है तो पीड़ित को आवेदन देना होता है बिना आवेदन के पुलिस इस तरह की धाराऐं नहीं लगा सकती।हालांकि इस धारा को लेकर पीड़ित ने कई बार विशाल सावंत से विन्ती की लेकिन उन्होंने इस धारा के तहेत मामला दर्ज करने से साफ़ इंकार किया।ज़ाहिर सी बात है जो पुलिस कर्मी पहले FIR दर्ज करने से इंकार कर सकता है वह भला संगीन धाराओं के तहेत मामला क्यों दर्ज करेगा।इस से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि पुलिस पीड़ितों के लिए कितनी गंभीर है।
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