महाराष्ट्र में किसी समय शिवसेना की बैसाखी पर अपने भविष्य को तलाशने वाली भारतीय जनता पार्टी आज न सिर्फ राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है, बल्कि भविष्य की राजनीति की सुइयां भी अपने हिसाब से निर्धारित करने की भूमिका में है। निकाय चुनावों में भाजपा की अभूतपूर्व सफलता से प्रतिष्ठा के साथ कार्यकर्ताओं का बल, जन समर्थन और मजबूत हुआ है। इस सभी का श्रेय महाराष्ट्र की राजनीति को परवान चढ़ाने वाले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की जनहितकारी नीतियों के पालन और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करने वाली भूमिका के साथ सभी विरोधियों को साधकर चलने की सामथ्र्य को जाता है। लोकसभा चुनावों के बाद विधानसभा तथा इसके बाद निकाय चुनावों में नितिन गडकरी एवं देवेंद्र फडणवीस ने मेरिट हासिल की है और पार्टी को ऐसा सशक्त स्वरूप प्रदान किया है कि उसे टक्कर देना आज कांग्रेस सहित विपक्ष को ही नहीं, खुद उसकी सहयोगी के रूप में चलने के बावजूद विरोध में मुखर रहने वाली शिवसेना को भी आसां नहीं नजर आ रहा। इसी क्रम में पार्टी अब उनकी परीक्षा आगामी दस महानगरपालिकाओं में और लेने को तैयार है जिसमें भाजपा को जीत के सतत पथ पर रखने के लिए नितिन गडकरी एवं देवेंद्र फडणवीस कमर कसकर तैयार हैं। इस समय जिस तरह से शिवसेना गठबंधन करने के लिए स्वयं आगे बढ़ी है, उससे स्पष्ट है कि फडणवीस कूटनीति व चतुराई से अपना प्रभाव बढ़ाने में कामयाब रहे हैं। परंतु, अब नितिन गडकरी एवं देवेंद्र फडणवीस को ध्यान रखना होगा कि विपक्ष को चक्रव्यूह रचने का कोई मौका नहीं मिले, जीत की लहर बरकरार रहे और निकाय चुनावों में हार के बावजूद मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले मनपा चुनावों में खुद को साबित करने का एक और अवसर मानकर आगे बढ़ें।
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