शाहिद अंसारी
मुंबई: हिन्दू महासभा की ओर से काशी विश्वनाथ मंदिर में तथाकथित जल अभिषेक और भारत को मुसलमानों से मुक्त करने का सनकलप एक उत्तेजित और शैतानी योजना है जिसका उद्देश्य भारत के सामाजिक ढांचे को ख़राब करना है। लॉ एंड आर्डर को डिस्टर्ब करना और देश में नफरत फैलाना है इस तरह के जहरीले तत्व केवल नफरत और सांप्रदायिकता के गंदे तालाब में ही जीवित रह सकते हैं अगर माहोल साफ़ सुथरा होगा और हर तरफ शांति और भाईचारा होगा तो इस प्रकार के मानसिक रोगी घुट कर मर जाएंगे। कुछ दिन पहले अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के पदाधिकारियों ने यह घोषणा की कि 3 / अगस्त को वाराणसी में जो नरेंद्र मोदी का चुनावी क्षेत्र है यहां पूजा करके जल अभिषेक किया जाएगा और इस पूजा में यह कसम खाई जाएगी कि भारत को मुसलमानों से मुक्त किया जाएगा। इतना ही नहीं उन्होंने आगे यह भी कहा कि ऐसी पूजा और कार्यक्रम के लिए सरकार की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। अवामी विकास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमशेर खान पठान ने इस खबर को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के सांप्रदायिक बयान को अखिलेश यादव सरकार ने गंभीरता से न लेते हुए उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जिस के कारण यह हिंदू अतिवादी इतनी हिम्मत दिखा रहे हैं कि जो व्यावहारिक रूप से किसी भी तरह से संभव नहीं है कि 25 करोड़ मुसलमानों को भारत से निकाल दिया जाए या उन्हें जान से मार दिया जाए. इस प्रकार की घोषणाओं का उद्देश्य सिर्फ देश में नफरत फ़ैलाने और भोले भाले देशवासियों को भड़काने की साजिश नहीं तो और क्या है। यह सांप्रदायिक तत्व जिन्हें यूपी सरकार खुली छूट दे रही है इसलिए यह किसी से नहीं डरते और सरकारें उन्हें अनदेखी कर रही हैं चाहे वह केंद्र की सरकार हो या उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार हो . शमशेर खान पठान ने कहा कि देश का दुर्भाग्य यह है कि धरती के यह बोझ पूरे देश में दनदनाते फिरते हैं। संविधान, कानून और लोकतंत्र को अपने पैरों तले रौंद रहे हैं लेकिन कोई उन पर लगाम लगाने वाला नहीं है। अब से सवा साल पहले जब केन्द्र में नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद यह तत्व कुछ ज्यादा ही शेर हो गए हैं कोई मुसलमानों को पाकिस्तान भेजने की धमकी देता है तो कोई उन्हें हरामज़ादा के उपनाम से सम्मानित करता है तो कोई हिंदुओं को पांच बच्चे और दस बच्चे पैदा करने की सलाह देता है कोई मुसलमानों की नसबंदी की बात करता है. भारत के सभी मुसलमानों और ईसाइयों को हिंदू धर्म में वापस लाने का नारा बुलंद किया जा रहा है। अवामी विकास पार्टी के अध्यक्ष शमशेर खान पठान ने सरकार से अपील की है कि वे इन तत्वों पर कड़ी नजर रखे जो देश के माहोल को हर कीमत पर खराब करने पर तुले हुए हैं . शमशेर खान पठान ने आगे कहा कि हिंदू महा सभा का यह बयान सरासर अपमानजनक और दो धर्मो के बीच नफरत फैलाने वाला वक्तवय है यह हमारे संविधान के भी खिलाफ है। क्योंकि हमारा संविधान धर्मनिरपेक्षता पर निर्भर है और संविधान ने सभी धर्म के लोगों को अपने धर्म में बने रहने का अधिकार दिया है इस तरह से संविधान का उल्लंघन करने और मुसलमानों में दहशत पैदा करना एक प्रकार से देश से विद्रोह करने जैसा है. अखिलेश यादव की सरकार ने हिन्दू महासभा के सभी पदाधिकारियों पर देश विरोधी कार्रवाई के लिए मामला दर्ज कर के सभी को यु ऐ पि ऐ के अंतर्गत गिरफ्तार कर के इस संस्था पर प्रतिबन्ध लगाना चाहिए ताकि शांति का माहौल खराब न हो। उन्होंने आगे कहा कि हिन्दू महासभा के इस भड़काऊ बयान पर आज तक उत्तर प्रदेश की सरकार ने कोई वक्तवय नहीं दिया इसके विपरीत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी तस्वीरें खिंचवाने में व्यस्त हैं। हद तो यह है कि यह घोषणा सुर्खियों में आने के बाद भी सरकार ने इन को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। वहीँ देश की न्याय पालिका भी खामोश है जबकि न्याय पालिका का यह दायित्व है कि अगर किसी मामले में सरकार कुछ नहीं कर रही है और यह मामला देश की अखंडता और राष्ट्रीय एकता को तोड़ता हो तो ऐसे मामले में न्याय पालिका इस का नोटिस लेकर उसे रोके और सरकार को कड़ी कार्रवाई करने के आदेश जारी कर के सरकार से की गई रिपोर्ट तलब करे।
आज के माहौल में याकूब मेमन की फांसी को लेकर और सुप्रीम कोर्ट के डिप्टी रजिस्ट्रार के इस्तीफे को लेकर भारतीय न्याय पालिका पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लग गया है। अवामी विकास पार्टी के अध्यक्ष शमशेर खान पठान ने इस ओर ध्यान देते हुए कहा कि हम इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर हिंदू महासभा जैसे अतिवादी संगठन पर प्रतिबंध लगाने और उन सभी लोगों के खिलाफ यू ए पी ए के अंतर्गत मामला दर्ज कर के उन्हें गिरफ्तार करने की मांग करेंगे।
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