SC Registry Flags Defects In Rahul Gandhi Plea – चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाताओं के नाम कथित मनमाने ढंग से हटाए जाने के खिलाफ विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA Bloc) द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्ष के 11 शीर्ष नेताओं द्वारा दायर इस रिट याचिका की जांच के दौरान सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने कुल 14 प्रक्रियात्मक कमियां (Procedural Defects) चिन्हित की हैं। रजिस्ट्री द्वारा दर्ज की गई इन आपत्तियों के चलते याचिका को तुरंत सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं किया जा सका है। इन खामियों में 220 रुपये की कोर्ट फीस कम जमा करने, नौ विपक्षी नेताओं के वकालतनामे पर हस्ताक्षर न होने और पहचान पत्रों की डिजिटल प्रतियां अस्पष्ट होने जैसे मामले शामिल हैं। रजिस्ट्री ने साफ किया है कि ये आपत्तियां केवल अदालती प्रक्रिया से जुड़ी हैं, जिन्हें कानूनी तौर पर दुरुस्त करना अनिवार्य है।
SC Registry Flags Defects In Rahul Gandhi Plea – खरगे का आईडी कार्ड अस्पष्ट, अखिलेश-तेजस्वी समेत 9 नेताओं के वकालतनामे अधूरे
रजिस्ट्री द्वारा दर्ज आपत्तियों के अनुसार, याचिकाकर्ताओं की सूची में तीसरे से 11वें नंबर तक शामिल नेताओं के वकालतनामे या तो गायब हैं या उन पर हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं। इनमें समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी यादव, तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, माकपा के एम.ए. बेबी, भाकपा के डी. राजा, झामुमो की महुआ माजी, राकांपा (एसपी) की सुप्रिया सुले और मुस्लिम लीग के ई.टी. मोहम्मद बशीर शामिल हैं। इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पहचान पत्र की प्रति भी धुंधली पाई गई। रजिस्ट्री ने 24 जून 2025 के चुनाव आयोग के एसआईआर संबंधी आदेश की स्पष्ट प्रति जमा करने को कहा है, साथ ही पेन ड्राइव में डिजिटल प्रतियां देने के तरीके पर भी प्रक्रियात्मक आपत्ति जताई है।
SC Registry Flags Defects In Rahul Gandhi Plea – चुनाव आयुक्तों को व्यक्तिगत पक्षकार बनाने पर सवाल; स्वतंत्र न्यायिक जांच की उठाई मांग
रजिस्ट्री ने इस बात पर भी कानूनी स्पष्टीकरण मांगा है कि संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर रिट याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को व्यक्तिगत हैसियत से निजी प्रतिवादी क्यों बनाया गया है। याचिका में विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि मतदाता सूची में विलोपन और फेरबदल की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित की जाए। साथ ही जब तक अदालत का अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक विभिन्न राज्यों में जारी एसआईआर प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाई जाए और किसी भी मतदाता का नाम काटने से पहले उसे नोटिस व पक्ष रखने का अवसर अनिवार्य किया जाए।
SC Registry Flags Defects In Rahul Gandhi Plea – पंजाब में 20.66 लाख नाम घटने का दावा; आंतरिक रिकॉर्ड और लॉग्स सार्वजनिक करने की गुहार
याचिका में पंजाब की मतदाता सूची का विशेष हवाला देते हुए बताया गया है कि जून 2026 में मतदाताओं की संख्या करीब 2.14 करोड़ थी, जो 13 अगस्त 2026 को जारी ड्राफ्ट सूची में घटकर 20.66 लाख कम हो गई। विपक्ष ने चुनाव आयोग से संबंधित आंतरिक फाइलें, बैठक के मिनट्स तथा ECINET और ERONET सिस्टम के तकनीकी लॉग्स तलब करने की गुहार लगाई है। उल्लेखनीय है कि सीजेआई सूर्यकांत द्वारा शक्ति पृथक्करण का हवाला देकर प्रशासनिक मुलाकात से इनकार किए जाने के बाद यह याचिका दाखिल की गई थी। अब विपक्षी दल की कानूनी टीम इन 14 कमियों को दूर कर याचिका को दोबारा पेश करने की तैयारी में है।
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