Indian Army Orders 225 High Altitude TATA Rough Terrain Vehicles LAC Forward Logistics – वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ जारी गतिरोध और पूर्वी लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश की बर्फीली चोटियों पर भारतीय सेना की अग्रिम परिचालन तत्परता को मजबूत करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने एक अहम खरीद को मंजूरी दी है। भारतीय सेना ने अग्रिम चौकियों पर निर्बाध लॉजिस्टिक्स, राशन और गोला-बारूद की त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) को 225 अत्याधुनिक हाई-ऑल्टीट्यूड रफ टेरेन व्हीकल्स (Rough Terrain Vehicles) की आपूर्ति का आधिकारिक ऑर्डर जारी किया है। यह खरीद ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत मेक-इन-इंडिया रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने और दुर्गम हिमालयी इलाकों में स्वदेशी विशेषज्ञता पर सेना के बढ़ते भरोसे को रेखांकित करती है।
Indian Army Orders – 16,000 फीट से अधिक ऊंचाई और माइनस 40 डिग्री तापमान में संचालन में सक्षम
रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, सेना द्वारा अनुबंधित ये विशेष वाहन 16,000 से 18,000 फीट की अत्यधिक ऊंचाई, विरल ऑक्सीजन और माइनस 20 से माइनस 40 डिग्री सेल्सियस के कड़ाके की ठंड वाले वातावरण में निरंतर संचालन के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए हैं। इन वाहनों में कोल्ड-स्टार्ट तकनीक, मजबूत 4×4 और 6×6 ऑल-व्हील ड्राइव ड्राइवट्रेन और हाई-ग्राउंड क्लीयरेंस शामिल है। यह तकनीक इन वाहनों को पथरीले नदी तटों, दलदली नालों, गहरी बर्फ और 30 से 40 डिग्री तक की खड़ी चढ़ाई वाली संकरी पगडंडियों पर बिना फिसले भारी पेलोड ले जाने में सक्षम बनाती है।
Indian Army Orders – खच्चरों और मैनपैक लॉजिस्टिक्स पर घटेगी निर्भरता; आपात स्थिति में त्वरित तैनाती
हिमालय के बेहद अग्रिम इलाकों में भारतीय सेना को दशकों से कठिन मौसम और सर्दियों के दौरान रसद व गोला-बारूद पहुंचाने के लिए पारंपरिक खच्चरों या सैनिकों द्वारा पैदल पीठ पर वजन (Manpack Logistics) ढोने पर निर्भर रहना पड़ता था, जिसमें काफी समय और ऊर्जा खर्च होती थी। टाटा के इन ऑल-टेरेन मोबिलिटी वाहनों के बेड़े में शामिल होने से अग्रिम चौकियों तक पहुंचने का समय घंटों से घटकर मिनटों में रह जाएगा। आपातकालीन युद्धक परिस्थितियों में ये वाहन न केवल भारी तोपखाने के गोले और एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें (ATGM) तुरंत पहुंचा सकेंगे, बल्कि घायल सैनिकों को अग्रिम मोर्चे से मेडिकल बेस तक सुरक्षित निकालने (CASEVAC) में भी लाइफलाइन का काम करेंगे।
Indian Army Orders – चरणबद्ध डिलीवरी और घरेलू रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को नई मजबूती
अनुबंध के तहत टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स इन 225 वाहनों की आपूर्ति अगले 12 से 18 महीनों के भीतर चरणबद्ध तरीके से शुरू करेगी। इन सभी वाहनों का परीक्षण लद्दाख के कठोर बर्फीले रेगिस्तान और सिक्किम के उच्च तुंगता वाले सेक्टरों में सेना के कड़े ट्रायल मानकों के तहत सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इस स्वदेशी खरीद से विदेशी मूल के ऑफ-रोड वाहनों के महंगे स्पेयर पार्ट्स पर निर्भरता पूरी तरह खत्म होगी और देश के भीतर ही मेंटेनेंस व सपोर्ट इकोसिस्टम सक्रिय रहेगा। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों की शुरुआत से पहले यह कदम एलएसी पर भारतीय सैनिकों की सामरिक गतिशीलता और रक्षा तैयारियों को अभेद्य मजबूती देगा।
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