Bombay Leaks Desk
मुबंई: सेंट्रल रेलवे के जीएम कार्यालय में 4 सालों मे 60 लाख रूपए प्राइवेट गाड़ी पर खर्च कर दिए गए ऐसी जानकारी आरटीआई एक्टिविस्ट सपन श्रीवास्तव ने दी है।दरअसल श्रीवास्तव ने जीएम कार्यालय से प्राइवेट गाड़ियों के उपयोग और खर्च के बारे मे जानकारी मांगी थी जिसके बाद 4 सालों में प्राइवेट गाड़ी का जो खर्च सेंट्रल रेलवे के जीएम कार्यालय के अधिकारी समसन मैथ्यु ने दी वह चौंका देने वाली थी।साल 2012 में प्राइवेट गाड़ियों का जो बिल था वह 1536000 रूपए था जबकि साल 2013 का भी बिल 1536000 रूपए था लेकिन साल 2014 का बिल 1759200 रूपए था और साल 2015 के सातवें महीने तक का बिल 912240 रूपए था।
श्रीवास्तव ने इस बात को लेकर आपत्ति जताई है कि रेलवे द्वारा सरकारी पैसों का अपने आराम के लिए रेलवे अधिकारी प्रोटोकॉल के नाम पर गाड़ियों में गलत तरीके से खर्च कर रहे हैं जबकि इस रकम से तकरीबन 10 नई गाड़ियां खरीदी जासकती है ताज्जुब इस बात का साल 2012 और 2013 का जो बिल है उसमें किसी तरह का फर्क नहीं है। श्रीवास्तव ने कहा कि रेल की स्वीधा होने के बाद भी गाड़ियों के खर्च के नाम पर बड़े पैमाने पर रेलवे अधिकारी अपनी जेब भरते हैं जिसकी जांच होना ज़रूरी है।
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