Manoj Jarange High Court Azad Maidan Permission – मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन की कमान संभाल रहे मनोज जरांगे पाटिल के मुंबई स्थित ऐतिहासिक आजाद मैदान में प्रस्तावित आमरण अनशन को लेकर महाराष्ट्र सरकार और पुलिस प्रशासन के साथ टकराव तेज हो गया है। मुंबई पुलिस द्वारा आजाद मैदान में अनशन और धरने की अनुमति को लगातार दो बार खारिज किए जाने के बाद जरांगे पाटिल ने अब बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करने का संकेत दिया है। पुलिस ने जारी गणेशोत्सव, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और दक्षिण मुंबई में कानून-व्यवस्था व यातायात बाधित होने की आशंका जताते हुए अर्जी को अस्वीकार कर दिया है। इसके बावजूद जरांगे पाटिल ने साफ कर दिया है कि वह अपने लोकतांत्रिक अधिकार के लिए अदालत की शरण लेंगे और मुंबई पहुंचने के फैसले से पीछे नहीं हटेंगे।
Manoj Jarange High Court Azad Maidan Permission – गणेशोत्सव और पिछली अव्यवस्था का दिया हवाला, आजाद मैदान पुलिस ने खारिज की याचिका
आजाद मैदान पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों ने जरांगे पाटिल की कानूनी टीम द्वारा दाखिल की गई अनुमति याचिका को खारिज करते हुए छह पन्नों का विस्तृत पत्र भेजा है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि 14 सितंबर से मुंबई में भव्य गणेशोत्सव का आयोजन हो रहा है, जिसके चलते शहर भर में भारी पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियां कानून-व्यवस्था में मुस्तैद हैं। ऐसे समय में दक्षिण मुंबई में बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों का जुटना स्कूलों, अस्पतालों, न्यायालयों और नियमित सार्वजनिक यातायात को गंभीर रूप से ठप कर सकता है। पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक ‘शाहीन बाग’ फैसले का भी संदर्भ दिया, जिसमें सार्वजनिक मार्गों और स्थलों को अनिश्चितकाल के लिए अवरुद्ध करने पर रोक लगाई गई है।
Manoj Jarange High Court Azad Maidan Permission – 50 समर्थकों के साथ शांतिपूर्ण अनशन का नया प्रस्ताव, ‘संवैधानिक अधिकार दबाने’ का लगाया आरोप
दो बार अर्जी नामंजूर होने के बाद जरांगे पाटिल के समन्वयकों ने पुलिस प्रशासन के सामने एक संशोधित प्रस्ताव रखा, जिसमें केवल 50 समर्थकों के साथ सीमित समय और कड़े नियमों के तहत अनशन की इजाजत मांगी गई। हालांकि, प्रशासन की ओर से सकारात्मक संकेत न मिलने पर जरांगे पाटिल ने नाराजगी व्यक्त की। जालना के अंतरवाली सराटी में अपने अनशन के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार उनके शांतिपूर्ण और संवैधानिक आंदोलन को दबाने की साजिश रच रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पिछले वर्ष इसी अवधि में आजाद मैदान में अनुमति दी गई थी, तो इस बार पहले से ही नियम तोड़ने की आशंका जताकर लोकतंत्र का गला क्यों घोंटा जा रहा है।
Manoj Jarange High Court Azad Maidan Permission – बॉम्बे हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करने की तैयारी, भारी पुलिस पहरे के बीच मुंबई की ओर बढ़ा काफिला
कानूनी विकल्पों पर विचार करते हुए जरांगे पाटिल की लीगल टीम ने बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल करने का पूरा ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जिसमें शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने के मौलिक अधिकार की दुहाई दी जाएगी। दूसरी ओर, पुलिस की मनाही के बावजूद मनोज जरांगे पाटिल ने अंतरवाली सराटी से मुंबई की ओर अपना पैदल व वाहन मार्च शुरू कर दिया है। यात्रा के मार्ग में किसी भी अप्रिय घटना या सड़क जाम को रोकने के लिए राज्य रिजर्व पुलिस बल (SRPF) की टुकड़ियां, दर्जनों पुलिस अधिकारी और सैकड़ों जवान सुरक्षा में तैनात किए गए हैं। अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट के संभावित रुख और राज्य सरकार के अगले प्रशासनिक कदम पर टिकी हैं।
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