India Vietnam Defence Ties Co Production – भारत और वियतनाम ने हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नौवहन की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से अपनी रणनीतिक व रक्षा साझेदारी को और प्रगाढ़ करने का साझा संकल्प लिया है। नई दिल्ली में आयोजित दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता के दौरान सैन्य उपकरणों के सह-उत्पादन (Co-production), सैन्य हार्डवेयर के संयुक्त विकास और रक्षा औद्योगिक सहयोग के विस्तार पर ऐतिहासिक सहमति बनी। दोनों देशों ने आपसी रक्षा विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए एक व्यापक रोडमैप पर मुहर लगाई, जो ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के तहत भारत के रणनीतिक दृष्टिकोण को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
India Vietnam Defence Ties Co Production – सैन्य उपकरणों के सह-उत्पादन और तकनीक हस्तांतरण पर दोनों देशों का विशेष फोकस
उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी विश्वास और दीर्घकालिक सहयोग को रेखांकित करते हुए रक्षा उद्योग क्षेत्र में सीधी साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा की। इस समझौते के तहत भारतीय रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (DPSUs) और वियतनामी सैन्य उद्यमों के बीच छोटे हथियारों, निगरानी प्रणालियों, रडार उपकरणों और नौसैनिक प्लेटफार्मों के रखरखाव व पुर्जों के सह-उत्पादन की रूपरेखा तय की गई। यह साझेदारी वियतनाम की रक्षा आधुनिकीकरण प्राथमिकताओं को पूरा करने के साथ-साथ भारत के घरेलू रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक निर्यात बाजार में स्थापित करने में सहायक होगी।
India Vietnam Defence Ties Co Production – समुद्री सुरक्षा और संयुक्त नौसैनिक अभ्यास में तेजी लाने का निर्णय
दक्षिण चीन सागर और व्यापक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए दोनों देशों ने समुद्री डोमेन जागरूकता (Maritime Domain Awareness) और संयुक्त नौसैनिक अभ्यास को और सघन करने का फैसला किया है। बैठक में दोनों पक्षों ने समुद्री डकैती की रोकथाम, खोज एवं बचाव अभियानों और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए आपसी संपर्क तंत्र को सुदृढ़ करने पर सहमति जताई। इसके अतिरिक्त, भारतीय नौसेना द्वारा वियतनामी सशस्त्र बलों के अधिकारियों और नाविकों के लिए तकनीकी व विशेष सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विस्तार की भी पुष्टि की गई।
India Vietnam Defence Ties Co Production – व्यापक रणनीतिक साझेदारी को बल, नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का समर्थन
वार्ता के समापन पर जारी संयुक्त वक्तव्य में दोनों देशों ने नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यवस्था और 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) के पूर्ण अनुपालन के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों रक्षा मंत्रियों ने विश्वास जताया कि यह नवीनतम रक्षा रोडमैप न केवल द्विपक्षीय सुरक्षा हितों को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति, संतुलन और आर्थिक समृद्धि का नया मार्ग प्रशस्त करेगा। दोनों पक्षों ने भविष्य में संयुक्त कार्य समूहों की नियमित बैठकें आयोजित कर इन परियोजनाओं की समयबद्ध समीक्षा करने का भी निर्णय लिया।
Post View : 76570






























