Food Safety Public Health Crisis Mumbai – महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने मुंबई में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर बड़ा बयान देते हुए इसे सीधे तौर पर ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट’ (Public Health Crisis) करार दिया है। हाल के दिनों में शहर के लोकप्रिय क्लाउड किचन, ऑनलाइन डिलीवरी हब और स्थानीय भोजनालयों में बड़े पैमाने पर पाए गए कॉकरोच संक्रमण, दूषित पानी के इस्तेमाल और बुनियादी स्वच्छता नियमों के उल्लंघन के बाद एफडीए प्रमुख ने कड़ा रुख अपनाया है। मुंढे ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों पर लगाम कसने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के स्वास्थ्य विभाग और राज्य एफडीए को एक समन्वित संयुक्त तंत्र के तहत काम करना होगा।
Food Safety Public Health Crisis Mumbai – ‘खाद्य असुरक्षा सीधे बीमारियों को जन्म देती है’, केवल कागजी लाइसेंसिंग से नहीं चलेगा काम
एफडीए प्रमुख ने कहा कि दूषित भोजन और अस्वच्छ माहौल में तैयार खाद्य सामग्री गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण, टाइफाइड, पीलिया और अन्य गंभीर जलजनित व खाद्यजनित बीमारियों का मुख्य कारण बन रही है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा को केवल व्यापारिक लाइसेंस जारी करने या मामूली जुर्माने तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसे नागरिकों के जीवन के अधिकार और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल की तरह देखना होगा। निरीक्षण के दौरान कई बड़े प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों के बिना चिकित्सकीय जांच के काम करने, फंगल संक्रमण और खुली नालियों के पास खाना बनाने के मामले सामने आने पर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की।
Food Safety Public Health Crisis Mumbai – बीएमसी और एफडीए का संयुक्त ऑडिट, क्लाउड किचन और स्ट्रीट वेंडर्स पर विशेष नजर
तुकाराम मुंढे ने बीएमसी के वार्ड स्वास्थ्य अधिकारियों (MHOs) और एफडीए के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (FSOs) के बीच साझा प्रवर्तन (Joint Enforcement) की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि डार्क किचन और क्लाउड किचन मॉडल के तेजी से विस्तार ने नई चुनौतियां खड़ी की हैं, जहां उपभोक्ता यह नहीं देख पाता कि भोजन किस स्थिति में पकाया जा रहा है। इसके लिए एफडीए अब बीएमसी के ट्रेड लाइसेंस डेटा के साथ रियल-टाइम समन्वय स्थापित कर रहा है ताकि बिना पंजीकरण या मानकों का उल्लंघन कर चल रहे आउटलेट्स को तत्काल सील किया जा सके और उनके पानी के स्रोतों की अनिवार्य लैब टेस्टिंग कराई जाए।
Food Safety Public Health Crisis Mumbai – उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति, निलंबन और कानूनी अभियोजन तेज
राज्यव्यापी स्तर पर चलाए जा रहे जांच अभियान का हवाला देते हुए एफडीए आयुक्त ने दो टूक कहा कि मानकों से समझौता करने वाले किसी भी ब्रांड या भोजनालय को रियायत नहीं दी जाएगी। नोटिस जारी करने के बावजूद सुधार न करने वाले आउटलेट्स के लाइसेंस तत्काल निलंबित किए जा रहे हैं और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI Act) की गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मुंढे ने आम जनता से भी अपील की कि वे अस्वच्छ खाद्य प्रतिष्ठानों की तुरंत शिकायत दर्ज कराएं ताकि नागरिकों की सेहत के साथ हो रहे खिलवाड़ पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
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