Mumbai Lake Levels Update – मुंबई महानगर को प्रतिदिन पेयजल की आपूर्ति करने वाले सातों प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण की स्थिति बेहद संतोषजनक और मजबूत बनी हुई है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के भांडुप मास्टर कंट्रोल सेंटर स्थित हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, शहर की सात झीलों में कुल उपयोगी जल स्तर 95.94 प्रतिशत दर्ज किया गया है। सभी सातों जलाशयों में कुल मिलाकर 13,88,542 मिलियन लीटर (ML) पानी जमा हो चुका है, जिससे आने वाले पूरे वर्ष के लिए मुंबईकरों की जलापूर्ति को लेकर बड़ी
Mumbai Lake Levels Update – कुल क्षमता का 95.94% उपयोगी भंडारण, पिछले दो वर्षों के करीब पहुंचा आंकड़ा
मुंबई को सालभर निर्बाध जलापूर्ति के लिए कुल 14,47,363 मिलियन लीटर पानी के कोटे की आवश्यकता होती है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान 95.94 फीसदी का जल स्तर पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज 13,94,292 मिलियन लीटर (96.33 प्रतिशत) और वर्ष 2024 के 14,05,678 मिलियन लीटर (97.12 प्रतिशत) के मुकाबले मामूली रूप से कम है, लेकिन समग्र दृष्टिकोण से यह बेहद सुरक्षित स्थिति में है। अगस्त और सितंबर में कैचमेंट क्षेत्रों में हुई मानसूनी बारिश ने झीलों को लगभग लबालब कर दिया है।
Mumbai Lake Levels Update – विहार झील पूरी तरह ओवरफ्लो, मोदक सागर, तानसा और मिडिल वैतरणा में भी भारी स्टॉक
विभिन्न जलाशयों के व्यक्तिगत जलस्तर की बात करें तो संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित विहार (Vihar) झील अपनी 27,698 मिलियन लीटर की पूर्ण क्षमता के साथ 100 प्रतिशत भरी हुई है। इसके साथ ही मोदक सागर (Modak Sagar) 99.06 प्रतिशत, तानसा (Tansa) 98.29 प्रतिशत और मिडिल वैतरणा (Middle Vaitarna) 97.74 प्रतिशत तक भर चुके हैं। वहीं तुलसी झील में 97.2 प्रतिशत उपयोगी जल जमा है। मुंबई को सर्वाधिक जल आपूर्ति करने वाले सबसे बड़े जलाशय भातसा (Bhatsa) में 96.06 प्रतिशत (6,88,778 ML) और सुदूर अपर वैतरणा (Upper Vaitarna) में 90.19 प्रतिशत पानी दर्ज किया गया है।
Mumbai Lake Levels Update – 1 अक्टूबर तक 100% भंडारण का लक्ष्य, बिना जल कटौती पूरा साल गुजरेगा
मुंबई को प्रतिदिन लगभग 3,900 से 3,950 मिलियन लीटर पेयजल की आवश्यकता होती है। बीएमसी के नियमों के मुताबिक, यदि मानसून की आधिकारिक समाप्ति (1 अक्टूबर) तक सभी सातों झीलें 100 प्रतिशत क्षमता तक भर जाती हैं, तो शहर को अगले वर्ष के मानसून आने तक किसी भी तरह की पानी कटौती का सामना नहीं करना पड़ता। जल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सितंबर माह में होने वाली हल्की से मध्यम बारिश से शेष बचा 4 प्रतिशत का कोटा भी आसानी से पूरा होने की उम्मीद है, जिससे मुंबईकरों पर मंडराने वाला जल संकट पूरी तरह टल गया है।
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