MPSC Drug Inspector Paper Leak – महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) द्वारा आयोजित औषधि निरीक्षक (Drug Inspector – Group B) स्क्रीनिंग परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा (Crime Branch) ने बड़ी कार्रवाई की है। क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने आयोग के अवर सचिव (Under Secretary) और दो सहायक अनुभाग अधिकारियों सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। प्राथमिक जांच में प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग होने और परीक्षा से पहले अनधिकृत रूप से सवाल बाहर भेजने की पुष्टि होने के बाद एमपीएससी ने संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए दोबारा नई परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है।
MPSC Drug Inspector Paper Leak – आयोग के शीर्ष अधिकारियों और कोचिंग डायरेक्टर की सांठगांठ से लीक हुए प्रश्न
मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में एमपीएससी के अवर सचिव अभिजीत गणपतराव लेंडवे, सहायक अनुभाग अधिकारी विश्वेश्वर दत्तात्रेय नकाते, सहायक अनुभाग अधिकारी गोपाल भाटू मराठे, नंदुरबार स्थित कौटिल्य एकेडमी के संचालक प्रवीण दिलीप पाटिल, अमृत नामदेव पाटिल और लोकेश उर्फ गौरव राजेंद्र पाटिल शामिल हैं। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने परीक्षा से पहले अत्यंत गोपनीय प्रश्नपत्र की सामग्री तक पहुंच बनाई, प्रश्नों का एक अलग डुप्लीकेट सेट तैयार किया और उसे अनधिकृत उम्मीदवारों तक पहुंचाया। मुंबई सत्र अदालत ने सभी छह आरोपियों को 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
MPSC Drug Inspector Paper Leak – इंटरव्यू संपन्न होने और मेरिट लिस्ट के बाद सामने आई धांधली, एफडीए भर्ती प्रक्रिया रद्द
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के तहत औषधि निरीक्षक के पदों के लिए 22 मार्च 2026 को राज्य के छह संभागीय मुख्यालयों में ऑफलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की गई थी। 12 जून को परिणाम घोषित होने के बाद 488 उम्मीदवारों के इंटरव्यू भी पूरे कर लिए गए थे और 485 उम्मीदवारों की अनंतिम मेरिट सूची जारी की गई थी। इसी बीच जुलाई के अंत में सोशल मीडिया और ईमेल के जरिए प्रश्नपत्र परीक्षा से पूर्व बाहर आने की गंभीर शिकायतें मिलीं। आयोग के पत्र पर क्राइम ब्रांच द्वारा कराई गई प्राथमिक जांच में पुष्टि हुई कि कम से कम एक अभ्यर्थी को परीक्षा से पहले प्रश्न मिले थे और उसने इसका अनुचित लाभ उठाया, जिसके बाद भर्ती रद्द कर दी गई।
MPSC Drug Inspector Paper Leak – बीएनएस और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज, पारदर्शी नई परीक्षा का भरोसा
क्राइम ब्रांच के प्रॉपर्टी सेल के पुलिस निरीक्षक मंगेश देसाई की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षा कदाचार रोकथाम अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक धोखाधड़ी, विश्वासघात और साजिश का मामला दर्ज किया गया है। एमपीएससी ने बयान जारी कर कहा है कि सभी उम्मीदवारों को निष्पक्ष और समान अवसर प्रदान करने तथा भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता व विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जल्द ही नए सिरे से परीक्षा कराई जाएगी, जिसमें पूर्व में चयनित उम्मीदवारों को भी दोबारा शामिल होना होगा।
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