Rustomjee Crown Demolition – मुंबई के प्रभादेवी स्थित अति-विशिष्ट और आलीशान आवासीय प्रोजेक्ट ‘रुस्तुमजी क्राउन’ (Rustomjee Crown) में कथित अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने बड़ी तोड़क कार्रवाई शुरू की है। बीएमसी के जी-साउथ (G/South) वार्ड प्रशासन ने 128 लग्जरी फ्लैट्स को जांच के दायरे में लेते हुए अवैध संरचनाओं को ध्वस्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। शिकायत के अनुसार, कई फ्लैट मालिकों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए लिफ्ट लॉबी और कॉमन ओपन स्पेस को अपने निजी फ्लैटों में शामिल कर लिया था, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत ₹250 करोड़ से भी अधिक आंकी गई है।
Rustomjee Crown Demolition – आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत के बाद बीएमसी ने शुरू की कार्रवाई
यह पूरा मामला आरटीआई कार्यकर्ता संतोष दौंडकर की आधिकारिक शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि क्राउन मिल कंपाउंड स्थित 63 मंजिला गगनचुंबी टॉवरों में नियमों की अनदेखी कर सार्वजनिक और साझा उपयोग वाले लिफ्ट एरिया पर अवैध निर्माण किया गया। बीएमसी ने निरीक्षण के बाद धारा 354ए और एमआरटीपी एक्ट के तहत 128 फ्लैट मालिकों को नोटिस जारी किए थे। इसके बाद नगर निगम के दस्ते ने पुलिस बल की मौजूदगी में बी-विंग के कई फ्लैट्स में किए गए अनधिकृत बदलावों को हथौड़ा चलाकर तोड़ना शुरू कर दिया।
Rustomjee Crown Demolition – मंत्रियों, दिग्गज नेताओं और वरिष्ठ नौकरशाहों के नाम आए सामने
रुस्तुमजी क्राउन दक्षिण मुंबई का बेहद पॉश इलाका है, जहां प्रॉपर्टी की दरें ₹1 लाख प्रति वर्ग फुट से अधिक हैं। कार्रवाई की जद में आए फ्लैट्स में महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय राठौड़ व उनकी पत्नी, पूर्व मंत्री दीपक केसरकर (जो ₹4.20 लाख मासिक किराए पर रह रहे हैं), और विधायक सदा सरवणकर के बेटे समाधान सरवणकर से जुड़े फ्लैट्स के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। इसके अलावा कई बड़े उद्योगपतियों, विदेशी वाणिज्य दूतावास अधिकारियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के फ्लैट्स भी बीएमसी की इस कार्रवाई के दायरे में हैं।
Rustomjee Crown Demolition – डेवलपर ने दी सफाई, 4 दिनों तक जारी रहेगा बीएमसी का अभियान
मामले पर सफाई देते हुए रुस्तुमजी ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा कि प्रोजेक्ट का निर्माण 1991 के डीसीआर (DCR) नियमों और सक्षम अधिकारियों द्वारा स्वीकृत नक्शों के अनुसार ही किया गया था और डेवलपर की ओर से कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि वे जांच में प्रशासन का पूरा सहयोग कर रहे हैं। वहीं, बीएमसी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकास मार्गों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आने वाले दिनों में सभी चिन्हित अनधिकृत संरचनाओं को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।
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