मुंबई: गोडरेज प्रॉपर्टीज की शिकायत पर मुंबई के विक्रोली पुलिस थाने में कथित जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश के आरोपों में FIR दर्ज की गई है। FIR नंबर 0183/2026 है और इसे 17 मार्च 2026 को शाम 6:49 बजे दर्ज किया गया। मामले की जांच पुलिस निरीक्षक संदीप चंद्रकांत पाटील को सौंपी गई है।
शिकायत का संबंध हरियाणा के गुरुग्राम स्थित “Godrej Air” प्रोजेक्ट से जुड़े एक LLP के कामकाज और उसके रिकॉर्ड में कथित तौर पर किए गए बदलावों से है। FIR में कहा गया है कि इस LLP में गोडरेज प्रॉपर्टीज और Orris Infrastructure Pvt. Ltd. (OIPL) भागीदार थे। शिकायत के अनुसार OIPL का प्रतिनिधित्व उसके मैनेजिंग डायरेक्टर अमित गुप्ता कर रहे थे। गुप्ता को विक्रोली पुलिस ने गिरफ्तार किया है उसे 27 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
MCA रिकॉर्ड में कथित फर्जी बदलाव का आरोप
शिकायत के मुताबिक गोडरेज प्रॉपर्टीज को बाद में जानकारी मिली कि कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC), मुंबई के रिकॉर्ड में कथित तौर पर अनधिकृत बदलाव किए गए। आरोप है कि गोडरेज प्रॉपर्टीज के नियुक्त पार्टनर को हटाकर सौरभ अग्रवाल को कथित तौर पर नियुक्त पार्टनर के रूप में दिखाया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस बदलाव को गोडरेज प्रॉपर्टीज या उसके अधिकृत प्रतिनिधि ने कभी मंजूरी नहीं दी थी।
FIR में कहा गया है कि 27 फरवरी 2026 को MCA से कथित अनधिकृत फाइलिंग की प्रमाणित प्रतियां मिलने के बाद शिकायतकर्ता पक्ष को कथित जालसाजी की जानकारी हुई। आरोप है कि Form-3 और Form-4 के साथ दस्तावेज तैयार कर ROC के समक्ष दाखिल किए गए।
14 जनवरी 2026 की कथित फाइलिंग पर सवाल
शिकायत के अनुसार 14 जनवरी 2026 को ROC के समक्ष कथित तौर पर Form-3 दाखिल किया गया। इसमें LLP में केवल अमित गुप्ता और सौरभ अग्रवाल को नियुक्त पार्टनर दिखाने तथा गोडरेज प्रॉपर्टीज के प्रतिनिधि को हटाने का उल्लेख था। इसी फाइलिंग में गोडरेज प्रॉपर्टीज की 37.5 प्रतिशत हिस्सेदारी कथित तौर पर Orris Towers Pvt. Ltd. को दिए जाने का भी उल्लेख किया गया था। शिकायतकर्ता ने इन सभी दावों को फर्जी और अनधिकृत बताया है।
FIR में यह भी आरोप है कि फाइलिंग में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों और हस्ताक्षरों की सत्यता पर सवाल हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार LLP के समझौते के तहत वैधानिक अनुपालन और ROC में फाइलिंग की जिम्मेदारी गोडरेज प्रॉपर्टीज के पास थी।
पुराने पार्टनरों की नियुक्ति और इस्तीफे का भी जिक्र
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अमित गुप्ता ने कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाते हुए MCA में दस्तावेज दाखिल किए। FIR के अनुसार 2022 में सुभाषीष पटनायक के इस्तीफे के बाद अनुज चांदिल्ल्य की नियुक्ति हुई थी। बाद में अनुज चांदिल्ल्य के इस्तीफे के बाद 9 जुलाई 2025 को गौतम बब्बर को नियुक्त पार्टनर बनाया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद अलग तरह की जानकारी MCA रिकॉर्ड में दर्ज कराई गई।
कथित फर्जी बैठक और प्रस्ताव
FIR में 22 नवंबर 2025 को कथित तौर पर बुलाई गई LLP की बैठक पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक यह बैठक वैध तरीके से नहीं बुलाई गई थी। आरोप है कि बैठक के एजेंडे में गोडरेज के नियुक्त पार्टनर के कथित इस्तीफे को दर्ज करना, बैंक संचालन के अधिकारों में बदलाव करना और MCA रिकॉर्ड को अपडेट करना शामिल था। गोडरेज के अधिकृत प्रतिनिधि गौतम बब्बर ने कथित तौर पर इस एजेंडे को अस्वीकार कर बैठक छोड़ दी।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि बाद में अमित गुप्ता द्वारा न्यायिक कार्यवाही में कथित रूप से दो अलग-अलग संस्करणों में प्रस्ताव पेश किए गए। शिकायतकर्ता ने इन दस्तावेजों को भी कथित रूप से फर्जी बताया है।
प्रोजेक्ट रोकने की कथित कोशिश का आरोप
FIR में आरोप लगाया गया है कि कथित दस्तावेज दाखिल करने के बाद समाचार पत्रों में सार्वजनिक नोटिस और गुरुग्राम में होर्डिंग लगाए गए, जिनमें गोडरेज प्रॉपर्टीज के साथ विकास समझौता समाप्त होने का दावा किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार 28 जनवरी 2026 को हरियाणा के रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर विकास समझौते को समाप्त बताने और प्रोजेक्ट से जुड़े समझौतों की रजिस्ट्री रोकने का अनुरोध किया गया। शिकायत में इसका उद्देश्य प्रोजेक्ट की प्रगति रोकना बताया गया है।
करीब 18 करोड़ रुपये की बिना बिकी संपत्ति का दावा
शिकायत में प्रोजेक्ट में करीब 18 करोड़ रुपये की बिना बिकी संपत्ति होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक यह संपत्ति गोडरेज ब्रांड के नाम और प्रतिष्ठा के तहत बेची गई थी और LLP के स्वामित्व में थी। FIR में गोडरेज प्रॉपर्टीज की हिस्सेदारी करीब 6.75 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा ग्राहकों से बड़ी रकम की वसूली भी बाकी होने का दावा किया गया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि LLP के बैंक खातों में भी महत्वपूर्ण रकम मौजूद है, जिसमें गोडरेज प्रॉपर्टीज का हिस्सा बताया गया है। FIR में आरोप लगाया गया है कि कथित तौर पर इन पैसों को हड़पने और धन को दूसरी दिशा में मोड़ने की कोशिश की गई।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
विक्रोली पुलिस ने FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 3(5), 316(5), 318(4), 319(2), 336(2), 336(3), 338, 339, 340(2) और 61(2) लगाई हैं। शिकायत में अमित गुप्ता, उनकी कंपनी OIPL, सौरभ अग्रवाल, संबंधित कंपनी तथा संबंधित चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य सहयोगियों के खिलाफ कथित आपराधिक साजिश और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए हैं।मामले की जांच पुलिस निरीक्षक संदीप चंद्रकांत पाटील कर रहे हैं। FIR के अनुसार पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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