
बॉम्बे लीक्स ,राजस्थान
राजस्थान में दो गुटों में बंटी कांग्रेस को एक करने के लिए दिल्ली में मंथन का दौर जारी है।पार्टी आलाकमान की कोशिशें है कि राज्य विधानसभा चुनाव पूर्व सीएम गहलोत और सचिन पायलट के बीच उपजे सियासी संघर्ष को खत्म कर विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पार्टी जूट जाए।इसके लिए पार्टी सचिन पायलट को मनाने के लिए काफी प्रयास कर रही है।बताया जा रहा है कि पार्टी पायलट को कोई बड़ी जिम्मेदारी देने जा रही है।जिसके तहत पायलट को फिर से दिल्ली बुलाया गया था।
वहीं अब दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के कई नेताओं से मुलाकात करने के बाद सचिन पायलट वापिस जयपुर आ गए हैं।राजस्थान लौटकर सचिन पायलट ने अपने निवास पर पंजाब कांग्रेस प्रभारी और बायतु बाड़मेर से विधायक हरीश चौधरी, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और श्रीमाधोपुर से विधायक दीपेंद्र सिंह शेखावत, परिवहन मंत्री बृजेंद्र ओला सहित कई नेताओं से मुलाकात की है। हालांकि सचिन पायलट और कांग्रेस दोनों ने अब तक स्पष्ट नहीं किया है कि संगठन या सरकार में उन्हें कौनसा नया पद मिलेगा? लेकिन पायलट की मुलाकातों से ये स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि उन्हें जल्दी ही पद से नवाजा जाएगा। कांग्रेस हाईकमान पायलट को साथ जोड़े रखने के लिए उन्हें कोई महत्वपूर्ण पद देकर शांत कराना चाहता है। लेकिन, पायलट के उठाए गए मुद्दों पर अभी तक कोई एक्शन की बात सामने नहीं आई है। क्योंकि सीएम अशोक गहलोत इस मूड में नहीं है। ऐसे में कोई जांच कमेटी बनाने तक मामला सीमित रह सकता है।वहीं जानकारों का मानना है कि छत्तीसगढ में कांग्रेस की अंदरूनी कलह सुलझाने के बाद पार्टी की तरफ से शायद राजस्थान के लिए भी कोई रास्ता निकाल लिया गया है। हालांकि सचिन पायलट दिल्ली से लौटने के बाद स्वयं इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रहे हैं लेकिन अपने समर्थकों से वो लगातार मुलाकात कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत करने से अभी मना कर दिया है।हालांकि पायलट के समर्थकों में उत्साह देखने को मिल रहा है।सचिन पायलट के करीबी माने जाने वाले विधायक इंद्राज गुर्जर ने ट्वीट किया था कि “गुड न्यूज जल्द आने वाला है।कृपया धैर्य बनाए रखे दोस्तो। हालांकि कुछ ही समय बाद गुर्जर ने ट्वीट को हटा लिया था।हालांकि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चर्चा है कि जिस तरह से छत्तीसगढ में टीएस सिंह देव को उपमुख्यमंत्री बनाकर उनकी नाराजगी को दूर किया गया ठीक उसी तरह सचिन पायलट को एक बार फिर से डिप्टी सीएम राजस्थान में बनाया जा सकता है।बातते चलें कि टीएस सिंह देव को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद सचिन पायलट ने ट्वीट कर उन्हें बधाई भी दी थी। उन्होंने लिखा था कि श्री टी. एस. सिंह देव जी को छत्तीसगढ़ का उप मुख्यमंत्री बनाए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।बता दें कि राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सत्ता संघर्ष की तरह ही छत्तीसगढ़ में भी संघर्ष 2018 में पार्टी के सत्ता संभालने के तुरंत बाद से ही विवाद शुरू हो गया था।अगस्त 2021 में,देव ने मुख्यमंत्री पद पर अपना अधिकार जताया था। उन्होंने कहा था कि बात ढाई-ढाई साल को लेकर हुई थी। हालांकि कांग्रेस के 70 में से 55 विधायकों का समर्थन दिखाकर बघेल ने अपनी स्थिती मजबूत कर ली थी।बाद में गांधी परिवार ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत किया था।
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