
Bombay Leaks द्वारा ऑयल माफियाओं के बीते एक महीने के अंदर 500 टन डीज़ल अवैध रूप से तस्करी किए जाने की खबर प्रकाशित करने के बाद ऑयल माफियाओं का सिंडीकेट टूट गया है अब जितने भी ऑयल माफिया हैं वह अब अपने अपने स्तर पर अरब सागर में डीज़ल की तस्करी करेंगे ऐसी जानकारी का खुलासा अरब सागर के मौजूदा दौर के हाजी मस्तान कुंदन म्हात्रे ने किया है।
आपको बता दें हर महीने के 20 तारीख को ऑयल माफियाओं का महीना पूरा होता है इस महीने से पहले ही ऑयल माफिया मुंबई नवी मुंबई अली बाग और कई सेंट्रल और स्टेट एजेंसियों को मैनेज करते हैं।सिंडीकेट टूटने के बाद अब एक बार फिर से अरब सागर में ऑयल माफियाओं में अंदरूनी जंग लाज़मी है क्योंकि अब हर गैंग के हर सदस्य चोरी छिपे अरब सागर में डीज़ल की अवैध तस्करी करेंगे और इस दौरान एक दूसरे पर कार्रवाई करने के लिए जी तोड़ कोशिश करेंगे लेकिन ऑयल की तस्करी का यह गोरख धंधा ऐसे ही चलते रहेगा।

इन्ही जानकारियों में एक अहम जानकारी यह भी है की कुछ ऑयल माफिया सेंट्रल गवर्नमेंट के अधीन एक विभाग को भी बड़े पैमाने पर चुना लगाते हैं जिनका लोडिंग प्वाइंट है हे बंदर आपको बता दें की कुल 3 बार्ज है जिनके नाम जयरानी, प्रणय और हेमंत सागर है एलबीएस कालेज के बगल में इनकी लोडिंग 500 से 600 टन की होती है इनकी लोडिंग तब होती जब इन्हें इस विभाग से इसका ऑफिशियल आर्डर मिलता है वहां से लोड करने के बाद यह रास्ते में डीज़ल माफियाओं को 50 टन बेच देते हैं।फिर यह उस विभाग में जाने के बाद कई बड़ी जहाजों में जो उस विभाग के अधीन होती हैं उन्हें डीज़ल सप्लाई करते हैं लेकिन वहां पर ऑफिशियल जितना रसीद पर लिखा होता है उससे कम डाला जाता है। चूंकि वहां पर मौजूद अफसर को 12 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से रिश्वत मिलती है।इस तरह से यह लोग यहां भी 50 टन के आस पास की चोरी करते हैं।
यह काम पूरा करने के बाद यह ऑयल माफियाओं से संपर्क करते हैं और मौका मिला तो समुंद्र में ही इसे बेच देते हैं या तो हे बंदर के पास आकर हेमंत सागर बार्ज में ट्रांसफर कर देते हैं हेमंत सागर से ऑयल माफियाओं तक चोरी का यह डीज़ल पहुंचता है। इनमें अधिकतर अवैध रूप से यह खरीदारी ऑयल माफिया इश्तियाक भईया करता है जो इनसे 44 रुपए प्रति लीटर खरीदता है और सिंडेकेक्ट में इसे 50 रुपए लीटर के हिसाब से बताता है।
आपको बता दें हेमंत सागर में बतौर मास्टर मीर नाम का व्यक्ति कार्यरत है जबकि प्रदीप और प्रणय ड्राईवर है।प्रसंजीत सरकार जायरानी में ड्राईवर है और इनकी कंपनी का नाम जयेश शिपिंग है।इस बार्ज के खिलाफ़ 2020 में मुंबई एंटी प्रॉपर्टी सेल की कार्रवाई भी हो चुकी है जबकि 2022 में नवी मुंबई सेंट्रल यूनिट क्राइम ने भी कार्रवाई की है।
Post View : 26199































