
सस्पेंडेड एपीआई अयाज़ पटेल
शाहिद अंसारी
मुबंई:मुबंई पुलिस के एल.ए. विभाग को लेकर जिस तरह से गैंगिस्टर मुस्तुफ़ा डोसा के साथ साठ गांठ का मामला सामने आने के बाद एल.ए.2 में मौजूद पुलिस कर्मियों के भ्रष्टाचार बेवक़ाब होने के बाद अब एल.ए.2 को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के कान खड़े होगए हैं इसलिए आज एल.ए-2 में कार्यरत पुलिस कर्मियों को कार्यालय मे बुलाया गया है और एल.ए-1 में मौजूद पुलिसकर्मियों को उनकी जगह भेजा गया है।
हाल ही में अंडरवर्ल्ड डान मुस्तुफ़ा डोसा की सुरक्षा को लेकर कोर्ट के आदेश के बाद मामले की जांच हुई जिसमें एपीआई अयाज़ पटेल को दोषी पाते हुए मुंबई पुलिस ने अयाज़ पटेल को सस्पेंड कर अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की लेकिन सावल आज भी बरकरार है कि क्या इस मामाले में मात्र अयाज़ पटेल ही शामिल था ? या पूरा एल.ए विभाग ही मुस्तुफ़ा डोसा के टुकड़ों पर पलता है ?
कुछ ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब आज भी स्कॉटलैंड यार्ड के पास नहीं हैं और न ही इस विषय पर स्कॉटलैंड यार्ड के आला अधिकारी कुछ बोलने को तय्यार हैं शायद हर मामलों की तरह इस मामले की भी जांच के नाम पर खानापुरी की जा रही है जिसमें एपीआई अयाज़ पटेल को सस्पेंड कर कार्रवाई का बिगुल बजा कर उंगली कटा कर शहीदों में नाम लिखाने की कोशिश की गई है वह भी इसलिए कि मामले में कोर्ट ने जांच के आदेश दिए थे।
दरअसल इस मामले में पूरा एल.ए (2) विभाग शामिल है क्योंकि अयाज़ पटेल ने जब से एल.ए. में एंट्री की है उसके बाद से ही डोसा को जब भी पेशी के लिए पोरबंदर या दूसरी जगह ले जाया गया उस टीम में अयाज़ पटेल को ही भेजा जाता था।जानकारी में इस बात का भी पता चला है कि एल.ए में मौजूद अधिकारी इसके लिए मोटी रकम लेकर हमेशा डोसा की सुरक्षा के लिए अयाज़ पटेल को ही भेजा करते थे।सिर्फ़ डोसा ही नहीं बल्कि दूसरे वीआईपी आरोपी जिनमें समीर भुजबल,छगन भुजबल,बिजलानी बिल्डर तक शामिल हैं उन्हें मन चाही पुलिस की गाड़ी और मनचाहे पुलिसकर्मी भेजे जाते हैं।और उसके लिए एल.ए में मौजूद वह पुलिस अधिकारी जो उनकी नियुक्ति करते हैं बदले में वह आरोपियों से मोटी रकम वसूल करते हैं।
मामले में पीआई मनोज हिघिसटे और पीएसआई यसने जो कि ड्युटी मुहय्या कराने की ज़िम्मेदारी एल.ए. में ज़िम्मेदारी संभाल रहे हैं और इनके ज़रिए ही अयाज़ पटेल को हमेशा डोसा के साथ भेजा जाता था हमने पीआई मनोज हिघिसटे से इस बारे में जानने की कोशिश की आखिर डोसा के साथ हमेशा अयाज़ पटेल को ही भेजना यह किस नियम या कायदे के हिसाब किया जाया था या अयाज़ पटेल में ऐसी कौन सी खूबी थी कि डोसा के लिए एल.ए से उसे ही भेजा जाता था ऐसी खास वजह क्या थी लेकिन उन्होंने इस विषय पर बात करने से साफ़ इंकार कर दिया।जबकि मामले में लेकर जब एडिशनल कमिश्नर असवती डोरजे से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में हेड ऑफिस से जांच चल रही है और अयाज़ पटेल को भी हेड ऑफिस द्वारा की गई जांच में सस्पेंड किया गया है।
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