Mumbai BMC – मुंबई को अवैध बैनरों और पोस्टरों से मुक्त करने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा शुरू की जा रही ‘फ्लेक्स-फ्री मुंबई’ (Flex-Free Mumbai) मुहिम को नवरात्रि उत्सव की दहलीज पर कड़े इम्तिहान का सामना करना पड़ रहा है। शहर के प्रमुख नवरात्रि आयोजकों और सार्वजनिक मंडलों ने इस नई नीति के समय और क्रियान्वयन को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। मंडलों का कहना है कि त्योहारों के ठीक पहले इस अभियान की घोषणा से आयोजकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। मंडलों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि राजनीतिक विज्ञापनों और धार्मिक-उत्सव बैनरों के बीच स्पष्ट भेद किया जाए और वैध बैनरों की अनुमति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए, ताकि नवरात्रि के विशाल सांस्कृतिक आयोजनों के आर्थिक संतुलन पर कोई विपरीत असर न पड़े।
Mumbai BMC – ‘त्योहारों को मिले विशेष छूट, दिवाली के बाद लागू हो नियम’: नवरात्रि आयोजकों का पक्ष
उपनगरीय विक्रोली, बोरीवली और घाटकोपर के गरबा व नवरात्रि मंडलों के प्रतिनिधियों के अनुसार, नवरात्रि और डांडिया आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था, साउंड सिस्टम, स्टेज और प्रकाश व्यवस्था पर भारी खर्च होता है, जिसकी भरपाई स्थानीय प्रायोजकों (Sponsorships) और दानदाताओं के विज्ञापनों से होती है। आयोजकों का कहना है कि वे पूरे साल लगने वाले अवैध राजनीतिक होर्डिंग्स के खिलाफ बीएमसी की कार्रवाई का स्वागत करते हैं, लेकिन साल में कुछ दिनों के लिए आयोजित होने वाले पारंपरिक उत्सवों को इसके दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। मंडलों ने सुझाव दिया है कि चूंकि इस साल के प्रायोजन सौदे पहले ही तय हो चुके हैं, इसलिए इस अभियान का पूर्ण क्रियान्वयन नवरात्रि, दशहरा और दिवाली के बाद ही किया जाए ताकि अंतिम समय में भ्रम न फैले।
Mumbai BMC – अधिकृत पोस्टरों पर क्यूआर कोड और प्रिटिंग प्रेस पर नकेल; बीएमसी की सख्त कार्ययोजना
दूसरी तरफ, नगर निगम प्रशासन ने शहर की सुंदरता बिगाड़ने वाले और यातायात बाधित करने वाले अवैध फ्लेक्स पर लगाम कसने के लिए एक त्रिस्तरीय मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया है। नए प्रस्ताव के तहत अधिकृत पोस्टरों और बैनरों पर बीएमसी द्वारा जारी विशिष्ट **क्यूआर कोड (QR Code)** लगाना अनिवार्य होगा, जिसे स्कैन कर वार्ड अधिकारी व नागरिक तुरंत वैधता की जांच कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, बार-बार अवैध होर्डिंग छापने वाले प्रिंटरों और ठेकेदारों को काली सूची (Blacklist) में डालने तथा नागरिक शिकायतों पर अधिकतम 72 घंटों के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। एच-वेस्ट और आर-नॉर्थ वार्डों के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल बैनर हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अवैध प्रचार सामग्री तैयार करने वाले मुख्य स्रोतों पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।
Mumbai BMC – बैनर के आकार, स्थान और सामग्री पर विस्तृत गाइडलाइन जारी करने की मांग
नागरिकों और मंडल संचालकों ने बीएमसी से अपील की है कि वह बिना किसी देरी के वार्ड स्तर पर एक स्पष्ट परिपत्र जारी करे, जिसमें बैनर लगाने के लिए चिन्हित स्थान, स्वीकार्य आकार (Size) और पर्यावरण-अनुकूल सामग्री (Cloth/Paper) से जुड़े नियम स्पष्ट रूप से दर्ज हों। मंडलों का कहना है कि यदि बीएमसी समय रहते सिंगल-विंडो सिस्टम के तहत त्वरित ऑनलाइन स्वीकृतियां उपलब्ध कराती है, तो वे शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने में पूरा सहयोग देंगे। आगामी कुछ दिनों में शहरभर में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने वाली है, ऐसे में प्रशासन और उत्सव समितियों के बीच समन्वय ही इस अभियान की सफलता तय करेगा।
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