Nalasopara Fire – महाराष्ट्र के पालघर जिले अंतर्गत नालासोपारा-वसई लिंक रोड पर स्थित 14 मंजिला रिहायशी इमारत ‘इम्पीरियल हाइट्स’ (Imperial Heights) में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से दो महिलाओं की दम घुटने और झुलसने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नागरिक प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान 65 वर्षीय अश्विनी पारकर और 50 वर्षीय फाल्गुनी शाह के रूप में हुई है। प्राथमिक जांच के अनुसार, आग देर रात करीब 12:30 बजे इमारत की 13वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में शॉर्ट सर्किट होने के कारण भड़की थी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
Nalasopara Fire – 13वीं मंजिल से फैली आग नीचे तक पहुंची; बालकनी और गैलरी में शरण लेकर बचाई जान
प्रत्यक्षदर्शियों और दमकल अधिकारियों के मुताबिक, 13वीं मंजिल से शुरू हुई आग इतनी तेजी से फैली कि उसकी लपटें नीचे दूसरी मंजिल तक जा पहुंचीं। देखते ही देखते पूरी इमारत में दमघोंटू जहरीला धुआं भर गया, जिससे गहरी नींद में सो रहे रहवासियों के बीच भारी चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए लोग सीढ़ियों और लॉबी की तरफ भागे, लेकिन भारी धुएं के कारण कई लोग फंस गए। खुद को लपटों और धुएं से बचाने के लिए कई परिवारों ने फ्लैटों की बाहरी बालकनी और गैलरी में शरण ली। दमकल कर्मियों और स्थानीय बचाव दलों ने अपनी जान जोखिम में डालकर इमारत से करीब 30 से 40 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
Nalasopara Fire – वसई-विरार और मीरा-भायंदर दमकल का साझा ऑपरेशन; 6 घंटे में आग पर पाया काबू
हादसे की सूचना मिलते ही वसई-विरार नगर निगम (VVCMC) और मीरा-भायंदर नगर निगम (MBMC) के दमकल विभाग की गाड़ियां और हाइड्रोलिक सीढ़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। दमकल जवानों ने कड़ा संघर्ष करते हुए करीब छह घंटे की लंबी मशक्कत के बाद सुबह आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया। प्रभावित निवासियों की तत्कालिक सहायता के लिए वसई-विरार के मेयर राजीव पाटिल ने मोर्चा संभाला और बेघर हुए परिवारों को पास के एक सामुदायिक हॉल में अस्थायी रूप से ठहराने की व्यवस्था की। घायल हुए छह लोगों का स्थानीय सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
Nalasopara Fire – महज 4 साल पहले बनी थी इमारत; फायर फाइटिंग सिस्टम और एनओसी पर उठे गंभीर सवाल
इस दर्दनाक अग्निकांड ने रिहायशी इमारतों में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) मानकों के पालन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह इमारत केवल चार से पांच साल पहले ही बनकर तैयार हुई थी। इतनी नई संरचना में आग का इतना विकराल रूप लेना और बचाव प्रणालियों का काम न करना कई संदेहों को जन्म दे रहा है। लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या इमारत में लगे स्प्रिंकलर, अलार्म और स्मोक डिटेक्टर चालू हालत में थे और क्या नगर निगम प्रशासन ने बिना पुख्ता सुरक्षा जांच के बिल्डर को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) और फायर एनओसी जारी कर दी थी? पुलिस और अग्निशमन विभाग ने घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
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