शाहिद अंसारी
मुंबई:शीना बोरा मर्डर केस मे मुंबई क्राइम ब्रांच हल करने का ढिंढोरा पीट रही हैं लेकिन यही दोनों आरोपी एक शख्स की मदद से देवेन भारती से मिल चुके थे।साल 2012 की बात है जब इंद्राणी और पीटर दोनों तत्कालीन एडिशनल सीपी क्राइम देवेन भारती से मिलकर उन्हें भी गुमराह करने की कोशिश की।देवेन भारती ने इनकी शिकायत मौखिक रूप से ली और एक अधिकारी को काम पर लगा दिया।लेकिन कुछ ही दिन बाद रात गई बात गई और यह मामला भी शांत हो गया।
क्राइम ब्रांच ने आखिर कार बाद में पूरे मामले की छानबीन की और शीना की हत्या को बेनकाब करते हुए इंद्राणी को गिरफ्तार कर लिया लेकिन पीटर को छोड़ दिया और भारती की इस मुलाकात का दूर दूर तक कोई ज़िक्र नहीं किया जब की भारती और पीटर की एक बार नहीं कई बार मुलाकात हुई थी।मामला जब सीबीआई तक पहुंचा तो सीबाई ने पीटर मुखर्जी को भी गिरफ्तार कर लिया और इस मुलाकात को भी सीबीआई ने गंभीरता से लिया।
शीना बोरा मर्डर केस में सीबीआई ने जो आरोप पत्र दाखिल किया है उसमें इस बात की खुलासा हुआ है कि साल 2012 में इंद्राणी और पीटर दोनों ने तत्कालीन एडिशनल सीपी क्राइम देवेन भारती से मुलाकात की थी।इस मुलाकात में दोनों आरोपियों ने शीना बोरा की गुमशूदगी की बात कहकर देवेन भारती को गुमराह करते हुए मदद मांगी थी।इस मदद का मतलब था की दोनों आरोपी यह जाहिर करने की कोशिश कर रहे थे कि शीना के बारे मे उनको कुछ पता ही नहीं।उस दौरान इंद्राणी ने शीना के ई-मेल अकाउंट हैक करने की जी तोड कोशिश की लेकिन यह कोशिश नाकाम रही।पीटर और इंद्रायणी ने शीना के मोबाइल टावर लोकेशन की जांच करने के लिए भारती से मदद मांगी थी।
सीबीआई की चार्जशीट में 194 गवाहों में बैंक खातों की तफ्सील,फैमिली विल,फारेंसिक रिपोर्ट,व्हाट्सप,ईमेल और दूसरे सोशल मीडिया पर इंद्रायणी,संजीव,पीटर,शीना,राहुल,और विधि मुखर्जी इन सब के संबंधों को उजागर किया गया है सीबीआई नें मामले से जुडे लोगों के बयान भी दर्ज किए।सीबीआई नें अपने आरोप पत्र में लिखा है कि देवेन भारती का बयान दर्ज किया है।भारती नें अपने बयान में कहा कि दोनों आरोपियों ने किसी पत्रकार की मदद से उनसे मुलाकात की है इस मिटिंग में भारती से दोनों आरोपियों नें शीना को ढूंढने के लिए उसके मोबाइल को ट्रैस करने के लिए कहा।भारती ने उसी दौरान ऐंटी एक्सटार्शन सेल के एक अधिकारी को आदेश दिया कि वह इन दोनों आरोपियों की मदद की जाए।लेकिन कुछ ही दिनों बाद इंद्राणी नें उस अधिकारी को कहा कि अब शीना को ढूंढने की जरूरत नहीं क्योंकि वह मिल गई है।
सीबीआई के आरोप पत्र में सीबीआई ने यह जाहिर किया कि इन लोगों को शीना के बारे में पूरी जानाकारी होते हुए भी ढूंढने का नाटक किया और इसके लिए इन लोगों ने देवेन भारती को इस्तेमाल करने की कोशिश भी की। सीबीआई ने भारती से यह पूछा कि शीना के मामले में दोनों आरोपियों की मौखिक शिकायत पर कैसे भरोसा किया और उन्हें शिकायत करने के लिए क्योंकि नहीं कहा।शीना की हत्या अप्रेल 2012 मे हुई थी और भारती जून 2012 तक ही क्राइमें ब्रांच मे एडिशलन सीपी थे।उसके बाद भारती एडिशनल डीजी लां ऐंड आर्डर महाराष्ट्र के ओहदे पर कार्यरत हुए।सीबीआई विशेष रूप से इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर वह अधिकारी कौन है जिसने रायगढ में शीना की लाश मिलने पर केवल डायरी बनाई जबकि किसी तरह की कोई FIR दर्ज नहीं की हमने इस मुलाकात को लेकर देवेन भारती से उनका पक्ष जानने की उन्होंने कहा की ” गुमशीदगी के मामले को लेकर पीटर ने फ़ोन कर के उनको कहा और हमारे सारे अधिकारीयों को इस बात की जानकारी थी हमने सीबीआई को उनकी जाँच के दौरान लिखित में आगाह किया है हमने उस दौरान इसका ज़िक्र इसलिए नहीं किया की मुंबई पुलिस ने चार्जशीट नहीं दाखिल थी और किसे कहाँ कैसे सुबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जाये इसका फैसला लिया जाना बाकि था हमारे सारे अधिकारीयों को इस बात की जानकारी थी “।ऐसे मे यह सवाल उठता है कि इतना संवेदनशील मामला होते हुए जब मुंबई पुलिस पूरे मामले की तफ़सील मीडिया तक पंहुचा रही थी तो इस बारे में पुलिस ने क्यों नही बताया क्या खुद पुलिस ने भी भारती की इस मुलाकात को लेकर पर्दा डालने की कोशिश की जिसे सीबीआई ने बेनकाब करदिया।
(16)

1 comment
What’s wrong in it. If Indrani would’ve come to me with missing complaint, than l would’ve done same thimg as did by Mr Deven Bharati.
it’s not big news