मुंबई:29 नवंबर को BOMBAY LEAKS में छपी खबर के बाद दूसरे दिन हलचल मच गई और यह सवाल उठने लगा कि आखिर नैशनल ऐन्थम के समय किसी के खडे ना होने पर उसे थेटर से बाहर कैसे कर दिया गया।सबसे बडी और ताज्जुब की बात यह है कि कुछ ऐसे जिम्मेदार और बडे अखबारों ने खबर तो छाप दी लेकिन वह वीडियो क्या मुंबई के किसी थेटर की है वह यह नहीं तय कर पा रहे थे बल्कि उस वीडियो को बैंगलुरु का बता रहे थे।लेकिन यह उन्हें जरूर पता चल गया कि जो परिवार था वह मुस्लिम था।
मुंबई के हर थेटर में फ़िल्म शुरू होने से पहले ही स्क्रीन पर लिखा दिखाई देता है ‘Please stand up for National Anthem’ यह अपील की जाती है इसलिए वहां प्लीज जैसे शब्दों का उपयोग किया जाता है।लेकिन यहां यह जानना जरूरी है कि नैशनल ऐन्थम के दौरान खड़े ना होने पर किसी तरह से कानून का उल्लघन नहीं होता।लेकिन इस दौरान अगर कोई शख्स कोई ऐसी एक्टिविटी करते हुए पाया जाता है जिससे नैशनल ऐन्थम की तौहीन होती है तो वह जरूर सजा का पात्र होगा।
यह बात आइने की तरह साफ है और जैसा की वीडियो में दिखाई दे रहा है कि परिवार नैशनल ऐन्थम के दौरान बैठा था।लेकिन जैसे ही नैशनल ऐन्थम खत्म हुआ वहां पर खडे महाशय ने अपने सख्त तेवर करते हुए अंग्रेजी मं गालियां बकनी शुरू करदी ‘’फकिंग यू हैव स्टैंड फार इट’’ तुम्हें खडे होना था और यही शब्द उनके बार बार अलग अलग लहजों में गूंज रहे थे।जिसके बाद वहां भीड तमाशा देखने के लिए एकट्ठा हो गई।परिवार ने भीड देखी और लगातार यह जवाब देता रहा कि खडे नहीं हुए तो इसका यह मतलब यह नहीं कि सम्मान नहीं किए।लेकिन सामने खडे महाशय का जो रवय्या था वह पहले से सख्त होगया और इसपर उनका जवाब था कि कैसे रेस्पेक्ट नहीं देगा मेरी फैमिली के बहुत सारे लोगों ने इसके लिए अपनी जान गंवाई है।और उनका पहले के जैसे गालियों का सिलसिला जारी रहा वह आखिर तक नहीं थमा।
उसी दौरान कई लोगों ने गाली देने वाले महाशय का साथ भी दिया भीड में मौजूद किसी ने कहा कि मेरा पैर सही नहीं है उसके बाद भी मैं खडा हुआ और धीरे धीरे शोर के साथ भीड भी बढ़ने लगी।आवाज सुनने के बाद पीवीआर के लोग आगए उन्होंने स्क्रीन पर चल रहे प्रोमों को रोक दिया और वहां पर आकर उस परिवार को जाने के लिए कहा और फिर पूरे हाल में तालियां गूंजने लगी।
उस परिवार को केवल चंद सेकंड लगते खडे होने के लिए नैशनल ऐन्थम के सम्मान की खातिर यह कोई मुश्किल काम नहीं था जिसे वह नहीं कर सकते थे।लेकिन यह भी सोचना बेहद जरूरी है कि देशभक्ति के जुनून में किसी को जी भर के गालियां देना और उसे थेटर से बाहर निकाल देना यह कितना सही है या कितना खतरनाक है।कहीं ऐसा ना हो की इस तरह की देश भक्ति हम सब के लिए की बडी मुशिकिल खडी कर दे।
लेकिन एक अहम सवाल यह कि परिवार उस थेटर में या थेटर मे मौजूद वह महाशय जो गालियां पे गालियां दिए जा रहे थे उनके लिए क्या था।जबकि हाल में मौजूद उस परिवार के अलावा और भी कई लोग मुस्लिम थे और दूसरे धर्मों के लोग भी थे।लेकिन अफसोस की बात यह है कि एक तबके ने उन सब को दो तबकों में बांटने मे कोई कसर नहीं छोडी।यह पूरी घटना यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि भीड में अल्पसंख्या होने से ज्यादा खतरनाक तो बहुसंख्यक है।लेकिन यह सोचने से पहले इसपर हमारी सोच खत्म होजाती है।
अब ऐसे में हर एक के लिए यह सोचने वाली बात है क्या मुबंई या देश के किसी भी थेटर में नैशनल ऐन्थम के दौरान जो स्क्रीन पर तिरंगा लहराने का विजुवल दिखाया जाता है क्या वह Flag code of India के अनुसार सही है या गलत Flag code of India के अनुसार जो साइज तिरंगे की दी गई है उसे जानना बेहद जरूरी है क्योंकि अधिकतर थेटर में दिखाए जाने वाला तिरंगे की साइज गाइड लाइंस के अनुसार सही नहीं है लेकिन इस बारे में शायद जागरुकता ना होने की वजह से कभी किसी ने टिप्पणी नही की।गाइड लाइंस के मुताबिक जो साइज है वह इस प्रकार है जिसका जानना बेहद जरूरी है।6300 × 4200 मिलीमीटर -3600 × 2400 मिलीमीटर – 2700 × 1800 मिलीमीटर – 1800 × 1200 मिलीमीटर – 1350 × 900 मिलीमीटर -900 × 600 मिलीमीटर – 450 × 300 मिलीमीटर – 225 × 150 मिलीमीटर -150 × 100 मिलीमीटर होना चाहिए।
जबकि मुंबई के किसी भी थेटर में इस कानून या इस गाइड लाइंस का पालन नहीं किया जाता सीनिर वकील एजाज नक्वी का कहना कि अगर इस तरह से किसी भी थेटर में तिरंगा गाइड लाइंस के अनुसार नहीं दिखाया जाता तो उसेक खिलाफ नैशनल ऐन्थम ऐक्ट के तहेत कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है उसमें थेटर के मालिक या जिसनें स्क्रीन पर इसे दिखाया वह कार्रावाई के दाएरे में आ सकता है नैशनल ऐन्थम ऐक्ट के तहेत 3 महीने की सजा का प्रावधान है।इस लिए देशभक्ति ज़रूरी है और जागरूकता भी जो की नहीं है इसी लिए मुंबई के थेटर में तिरंगे के लिए गाइड लाइंस का पालन नहीं किया जाता और देशभक्ति के नाम पर राग अलापने वालों को पता ही नहीं चलता की वास्तव में उनके जज़्बात से खिलवाड़ कौन करता है।
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