BMC Scraps Allotment – बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP Policy) के तहत नगर निगम स्कूलों के लिए आरक्षित पांच प्रमुख भूखंडों को निजी संस्थाओं और ट्रस्टों को सौंपने के विवादास्पद फैसले को आधिकारिक रूप से रद्द (Scrap) कर दिया है। नगर निगम आयुक्त एवं प्रशासक द्वारा उच्च स्तरीय जांच समिति की सिफारिशों को स्वीकार किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। यह फैसला राजनीतिक दलों के कड़े विरोध के बाद आया है, जिसमें मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने बीएमसी प्रमुख अश्विनी भिड़े और महापौर को पत्र लिखकर आवंटन तत्काल निरस्त करने की मांग की थी, जिसे विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने भी पूरा समर्थन दिया था। जनप्रतिनिधियों का आरोप था कि चुनी हुई नगर निगम सभा (General Body) के अस्तित्व में न होने के दौरान प्रशासक राज में यह नीति जल्दबाजी में तैयार की गई थी।
BMC Scraps Allotment – संयुक्त आयुक्त संजोग कबरे समिति ने की आवंटन रद्द करने की सिफारिश; बीएमसी प्रमुख ने दी मंजूरी
मामले पर बढ़ते राजनीतिक और जन-आक्रोश को देखते हुए बीएमसी प्रशासन ने संयुक्त नगर आयुक्त संजोग कबरे की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय जांच समिति का गठन किया था। इस जांच समिति ने स्कूल भूखंडों के आवंटन, पीपीपी नीति के नियमों और सार्वजनिक संपत्ति के व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की गहन समीक्षा की। समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से सिफारिश की कि इन पांचों भूखंडों का निजी संस्थाओं को दिया गया आवंटन तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाना चाहिए। बीएमसी प्रमुख अश्विनी भिड़े ने पुष्टि की है कि जांच समिति की रिपोर्ट को प्रशासन ने पूर्ण रूप से स्वीकार कर लिया है और संबंधित आवंटन आदेश निरस्त कर दिए गए हैं।
BMC Scraps Allotment – ‘प्रशासक काल में जल्दबाजी में बनाई गई नीति’; जनप्रतिनिधियों और जनता से नहीं की गई थी चर्चा
भाजपा विधायक अमित साटम ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि जब नगर निगम में निर्वाचित नगरसेवक नहीं थे, तब नौकरशाही द्वारा आनन-फानन में यह नीति तैयार कर करोड़ों रुपये के नागरिक भूखंड निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर ली गई थी। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे बुनियादी अधिकार के लिए आरक्षित जमीनों को निजी ट्रस्टों को 30 साल की लीज पर देना गरीब और मध्यमवर्गीय बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ था। साटम ने मांग की है कि केवल इन पांच भूखंडों को रद्द करना काफी नहीं है, बल्कि पूरी पीपीपी शिक्षा नीति की व्यापक समीक्षा के लिए एक समिति गठित की जानी चाहिए और भविष्य में निर्वाचित सदन में विस्तृत चर्चा के बाद ही कोई समावेशी नीति बनाई जानी चाहिए।
BMC Scraps Allotment – नगर निगम स्कूलों के अस्तित्व और सार्वजनिक शिक्षा के अधिकार की जीत: नागरिक संगठन
नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं और अभिभावक संघों ने बीएमसी के इस कदम को मुंबई के सार्वजनिक शिक्षा तंत्र की बड़ी जीत बताया है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि पिछले एक दशक में मुंबई में 150 से अधिक नगरपालिका स्कूल बंद हो चुके हैं, ऐसे में खाली पड़े भूखंडों को निजी संस्थाओं को देने के बजाय बीएमसी को वहां आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाले अपने खुद के मॉडल स्कूल शुरू करने चाहिए। इस फैसले के बाद अब मुंबई के विभिन्न उपनगरों में स्थित इन पांचों भूखंडों पर निजी स्कूल निर्माण की प्रक्रिया पूरी तरह रुक गई है और यह जमीन नगर निगम के प्रत्यक्ष स्वामित्व में ही सुरक्षित रहेगी।
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