Anahat Singh – भारतीय स्क्वैश की 18 वर्षीय उभरती स्टार अनाहत सिंह (Anahat Singh) ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर खेल इतिहास के सबसे बड़े और सनसनीखेज उलटफेरों में से एक को अंजाम दिया है। कैलिफोर्निया के रेडवुड सिटी में आयोजित 1.43 लाख डॉलर इनामी राशि वाले ‘सिलिकॉन वैली ओपन’ (Silicon Valley Open 2026) के महिला सिंगल्स मुकाबले में अनाहत ने मिस्र की 8 बार की विश्व चैंपियन और विश्व की पूर्व नंबर-1 खिलाड़ी नूर एल शेरबिनी (Nour El Sherbini) को सीधे गेमों में 11-8, 11-8, 11-7 से मात देकर बाहर का रास्ता दिखा दिया। महज 30 मिनट तक चले इस रोमांचक मुकाबले में शीर्ष वरीयता प्राप्त मिस्र की दिग्गज को धूल चटाकर अनाहत ने पीएसए गोल्ड इवेंट के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया, जो उनके पेशेवर करियर की अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक जीत है।
Anahat Singh i – महज 30 मिनट में सीधे गेमों में किया ढेर; मिस्र की शीर्ष खिलाड़ी के खिलाफ बेखौफ खेल
मुकाबले की शुरुआत से ही नई दिल्ली की रहने वाली 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने आक्रामक और बेहद अनुशासित खेल दिखाया। उन्होंने कोर्ट पर तेज मूवमेंट और सटीक ड्रॉप शॉट्स के जरिए विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज नूर एल शेरबिनी को बैकफुट पर धकेल दिया। निकोल डेविड के सर्वाधिक आठ विश्व खिताबों के रिकॉर्ड की बराबरी करने वाली शेरबिनी के पास भारतीय किशोरी के तेजतर्रार रिटर्न का कोई जवाब नहीं था। अनाहत ने पहला और दूसरा गेम 11-8, 11-8 से अपने नाम करने के बाद तीसरे गेम में 11-7 से जीत हासिल कर मैच को सीधे गेमों में समाप्त कर दिया। जीत के बाद भावुक अनाहत ने कहा कि वे बचपन से शेरबिनी का हर मैच देखकर बड़ी हुई हैं, ऐसे में अपनी आदर्श खिलाड़ी को हराना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।
Anahat Singh – वर्ल्ड जूनियर चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय; एशियन गेम्स में भी जीता था सिल्वर
अनाहत सिंह का यह प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्क्वैश में उनके निरंतर और अभूतपूर्व उभार को दर्शाता है। इससे पहले वर्ष 2026 में ही अनाहत विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थीं, जहां उन्होंने 2010 के बाद पहली बार किसी गैर-मिस्र खिलाड़ी के तौर पर यह खिताब हासिल किया था। इसके अलावा उन्होंने जापान में आयोजित एशियाई खेलों में ऐतिहासिक रजत पदक अपने नाम किया था। पूर्व विश्व नंबर-1 ग्रेगरी गॉल्टियर, सौरव घोषाल और स्टीफन गैलिफी से कोचिंग ले रहीं अनाहत 2023 में पेशेवर बनी थीं और वे शीर्ष 20 वैश्विक रैंकिंग में जगह बनाने वाली एशिया की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं।
Anahat Singh – 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक से पहले बड़ा संदेश; मिस्र के वर्चस्व को भारतीय चुनौती
स्क्वैश खेल वर्ष 2028 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक में पहली बार आधिकारिक रूप से शामिल होने जा रहा है। ऐसे में ओलंपिक से ठीक पहले दुनिया की सबसे सफल महिला स्क्वैश खिलाड़ी पर अनाहत सिंह की यह धमाकेदार जीत वैश्विक मंच पर भारतीय स्क्वैश की मजबूत दावेदारी का संकेत देती है। सिलिकॉन वैली ओपन में मिस्र के दशकों पुराने एकछत्र साम्राज्य को चुनौती देकर अनाहत ने साबित कर दिया है कि वे सीनियर सर्किट पर दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को मात देने में पूरी तरह सक्षम हैं। खेल विशेषज्ञों और भारतीय खेल प्रेमियों ने अनाहत के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन को भारतीय रैकेट खेलों के स्वर्णिम युग की शुरुआत करार दिया है।
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