मुंबई: हाथों से कलावा गायब है , माथे से तिलक गायब है ,पूजा की थाली भी गायब है , ज़बान पर कलमा तय्यब है लेकिन हैरानी इस बात की है कि वह भी देख कर पढ़ा जा रहा है यह पढ़ने वाले हारून खान शिवसेना उद्धव ठाकरे ग्रुप के लीडर हैं जो वर्सोवा असेंबली हल्के से बतौर उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं और अब यह अपने मुसलमान और देशभक्त होने का पक्का सुबूत भी पेश कर रहे है।
हारून खान को आखिर ऐसी नौबत क्यों आ गई कि उन्हें इस गवाही के जरिए खुद को पक्का मुस्लमान होने का सुबूत पेश करना पड़ रहा है दर असल Bombay leaks ने एक खबर पोस्ट की थी जिसमें बताया गया कि उम्मीदवार का कोई मज़हब नहीं होता वह बस वोटों के लिए अपने वोटर्स के पास बेझिझक चल जाता है उसे यह नहीं मतलब कि उसके वोटर्स किस धर्म जात बिरादरी से सम्बन्ध रखते हैं।
वह तो बस उनके वोट कैसे हासिल कर ले इसी फिराक में किसी भी हद तक जा सकता है और इसी हद में हारून खान ने धार्मिक हद पार करते हुए पूजा पाठ भी करते नजर आए ।उन्होंने सियासत में धार्मिक दीवारों को तोड़ कर कई कोस आगे निकल गए थे।लेकिन जब खबर दिखाई गई तो उन्हें बैकफुट पर आना पड़ा ।
अब कहानी में नया ट्विस्ट तब आता है जब उनका समर्थन मौलाना सज्जाद नोमानी भी करते हैं इस खबर के बाद हाल ही में मौलाना सज्जाद नोमानी की टीम में नजर आने वाले इकबाल चुनावला ने इन्हें इस्लाम कुबूल करवाते हुए कलमा पढ़वा कर वीडियो वायरल को है ताकि हारून खान पक्के और सच्चे मुस्लमान बन कर मुसलमानों के वोट हासिल कर सकें।
इकबाल चुनावाला कौन हैं कभी ओवैसी के साथ फोटो कभी हारून खान के साथ फोटो कभी रईस लशकरिया के सतह फोटो कभी सज्जाद नोमानी के साथ फोटो और हाल ही में मौलाना सज्जाद नोमानी को प्रेस कांफ्रेंस में भी यह नजर आए जब मौलाना मीडिया से बचते बचाते राह ए फरार इख्तियार कर ली थी।
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