
शाहिद अंसारी
मुंबई : गोरेगांव के गोकुलधाम इलाके में गौरव अपर्णा अर्पण सोसायटी के पास ही शिवसेना पार्टी के एमएलए और मिनिस्टर ऑफ स्टेट ( हाउसिंग ) रवींद्र वायकर के ज़रिए एमएलए फंड से अवैध टॉयलेट बनवाने पर मुंबई हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
गोरेगांव के गौरव अपर्णा अर्पण सोसायटी के चेयरमैन अरविंद पुरोहित ने वायकर पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके सोसायटी से सटे खाली प्लाट पर उनकी नज़र काफी दिनों से थी हालांकि यह खुद उस प्लाट के मालिक भी नहीं है। बावजूद इसके सत्ता और पावर के नशे में चूर उन्होंने मनमाने तरीके से यहां अपमे फंड से अवैध टॉयलेट बना कर वोट बैंक की राजनीति खेलने की कोशिश की है। जिसके बाद उन्होंने एमएलए फंड से अवैध टॉयलेट बनवाने को लेकर मुंबई हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिसकी सुनवाई के दौरान पता चला कि इस टॉयलेट के निर्माण के लिए बीएमसी की ओर से किसी भी तरह की इजाज़त नही ली गई। कोर्ट ने तुरंत इस पर रोक लगा कर मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रेल को रखी है।पुरोहित ने कहा अवैध तरीके से टॉयलेट बनाने के लिए एमएलए फंड का उपयोग किया गया अब आगे जब कार्रवाई होगी तो इसे ध्वस्त किया जाएगा जिसके बाद फंड से जो पैसे का उपयोग किया गया है वह पैसे बरबाद होंगे उसका जिम्मेदार कौन होगा ?
रवींद्र वायकर ने इस से पहले भी इसी प्रकार से जहां भी खाली जगह दिखाई दी एमएलए फंड से अवैध तरीके से अवैध निर्माण ठोंक बना दी। रहिवासियों के विरोध के बाद भी बीएमसी या महाडा की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाती। इस मामले में भी कोर्ट ने अवैध निर्माण रोकने का आदेश दिया बावजूद इसके बीएमसी और महाडा के सर पर जूं नहीं रेंगी। जब याचिकाकर्ता ने कोर्ट की अवमानना करने की शिकायत की तब बीएमसी और महाडा को काम रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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