DUSU Polls Rahul Gandhi Upset NSUI Debacle Action In Charge – दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव में कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के निराशाजनक प्रदर्शन और एक भी सीट न जीत पाने को लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में गहरा असंतोष फैल गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस आलाकमान ने इस चुनावी हार को बेहद गंभीरता से लिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नेतृत्व विशेष रूप से एनएसयूआई के चुनाव प्रबंधन, प्रचार रणनीति और गलत उम्मीदवार चयन से खफा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने सेंट्रल पैनल की चार में से तीन सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के ही बागी उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। इस करारी हार के बाद अब छात्र संगठन के राष्ट्रीय प्रभारियों और शीर्ष रणनीतिकारों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
DUSU Polls Rahul Gandhi Upset NSUI Debacle Action In Charge – केसी वेणुगोपाल ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट, एक हफ्ते में जवाबदेही तय करने का निर्देश
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी के कड़े रुख के बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने छात्र संगठन की गतिविधियों से जुड़े वरिष्ठ नेताओं को तलब किया है। पार्टी नेतृत्व ने हार के कारणों की एक विस्तृत रिपोर्ट एक हफ्ते के भीतर सौंपने के निर्देश दिए हैं। समीक्षा के दायरे में यह बिंदु प्रमुख रूप से शामिल है कि जब जमीन पर युवाओं और छात्रों से जुड़े सुरक्षा, हॉस्टल और बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे गर्म थे, तब संगठन का प्रचार तंत्र उसे वोटों में तब्दील करने में क्यों नाकाम रहा। इसके साथ ही राज्य इकाई में चल रही गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान को समय रहते न सुलझाने के लिए भी प्रभारियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
DUSU Polls Rahul Gandhi Upset NSUI Debacle Action In Charge – टिकट वितरण में गड़बड़ी और बागी उम्मीदवार दीपांशु शौकीन की जीत बनी गले की फांस
एनएसयूआई की समीक्षा में सबसे बड़ा विवाद टिकट वितरण और बागी उम्मीदवारों को लेकर खड़ा हुआ है। उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के बागी नेता दीपांशु शौकीन ने निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए 30,615 वोट हासिल कर रिकॉर्ड जीत दर्ज की, जबकि आधिकारिक एनएसयूआई प्रत्याशी मात्र 4,313 वोटों पर सिमट गया। कांग्रेस नेतृत्व यह जानना चाहता है कि जिताऊ और लोकप्रिय छात्र नेताओं को दरकिनार कर कमजोर चेहरों को टिकट देने का फैसला किसके दबाव में लिया गया। अध्यक्ष पद पर भी एबीवीपी के यश डबास (24,576 वोट) ने एनएसयूआई के विजय मीणा (22,523 वोट) को केवल 2,053 वोटों के अंतर से हराया, जिसे पार्टी आसानी से अपने पक्ष में मोड़ सकती थी।
DUSU Polls Rahul Gandhi Upset NSUI Debacle Action In Charge – एनएसयूआई नेतृत्व में बड़े फेरबदल के संकेत, युवाओं के बीच पैठ बढ़ाने की नई रणनीति
डूसू चुनाव के नतीजे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजधानी के युवा मतदाताओं के मिजाज का भी संकेत माने जाते हैं। ऐसे में चारों पदों पर शून्य पर सिमट जाना कांग्रेस के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका साबित हुआ है। सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट पेश होने के बाद एनएसयूआई के दिल्ली प्रभारी और राष्ट्रीय टीम में बड़े पैमाने पर संगठनात्मक फेरबदल किए जा सकते हैं। पार्टी अब विश्वविद्यालय और कॉलेज स्तर पर समन्वय को मजबूत करने और भविष्य के चुनावों में छात्र विंग को नई दिशा देने के लिए एक नई कोर टीम गठित करने की योजना बना रही है।
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