Smit Machchhar Brain Surgery: फ्लाईदुबई के विमान में हुए जानलेवा हमले से यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर (Smit Machchhar) की बहादुरी के साथ अब उनकी गंभीर चोटों की भी चर्चा हो रही है। हाल ही में सामने आई तस्वीरों में उनके सिर पर सर्जरी के बड़े निशान और मेडिकल स्टेपल दिखाई दिए हैं। इन तस्वीरों का अध्ययन करने वाले न्यूरोसर्जनों के अनुसार, कुल्हाड़ी के हमले से उनकी खोपड़ी में गंभीर फ्रैक्चर हुआ था। इस तरह की चोट में न केवल जान जाने का खतरा होता है, बल्कि ऑपरेशन के दौरान मस्तिष्क की प्रमुख रक्त वाहिका को नुकसान पहुंचने से अत्यधिक रक्तस्राव भी हो सकता है। डॉक्टरों का मानना है कि कैप्टन मच्छर ने पहले विमान के कॉकपिट में और फिर बेहद जटिल इलाज के दौरान दो बड़ी चुनौतियों का सामना किया।
30 सितंबर को विमान के कॉकपिट में हुआ था जानलेवा हमला
यह घटना 30 सितंबर 2026 की है, जब फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही थी। विमान के कॉकपिट में मौजूद ओमान के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर अचानक कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया।
रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी को-पायलट ने कॉकपिट में रखी आपातकालीन कुल्हाड़ी से कैप्टन के सिर पर कई वार किए। हमले के कारण उनके सिर से भारी रक्तस्राव होने लगा और उनकी आंखों के सामने धुंधलापन छा गया। संघर्ष के दौरान वह कुछ समय के लिए बेहोश भी हो गए।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, जिससे विमान के अन्य क्रू सदस्य और यात्री उनकी सहायता के लिए पहुंच सके।
क्रू सदस्यों और यात्रियों की मदद से हमलावर को काबू में कर लिया गया। इसके बाद विमान का मार्ग बदलकर उसे सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया।
सऊदी अरब में कैप्टन मच्छर की आपातकालीन सर्जरी की गई। बाद में उन्हें आगे के इलाज के लिए संयुक्त अरब अमीरात ले जाया गया।
खोपड़ी में गंभीर फ्रैक्चर, ऑपरेशन के दौरान दो लीटर खून बहने का था संभावित खतरा
Smit Machchhar Brain Surgery: कैप्टन मच्छर के सिर पर दिखाई देने वाले सर्जरी के निशानों ने न्यूरोसर्जनों का ध्यान आकर्षित किया है। अमेरिका के टेनेसी स्थित न्यूरोसर्जन डॉ. सनत दीक्षित ने तस्वीरों के आधार पर बताया कि कैप्टन की खोपड़ी के पिछले हिस्से में गंभीर फ्रैक्चर हुआ था, जिसमें हड्डी का हिस्सा अंदर की ओर दब गया था।
चिकित्सा विज्ञान में इस तरह की चोट को ‘डिप्रेस्ड स्कल फ्रैक्चर’ कहा जाता है। ऐसी स्थिति में टूटी हुई हड्डी के टुकड़े मस्तिष्क की बाहरी झिल्ली और आसपास की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
डॉ. दीक्षित के अनुसार, सबसे बड़ा खतरा खोपड़ी के टूटने से अधिक उसके नीचे मौजूद एक प्रमुख शिरापरक रक्त मार्ग को चोट पहुंचने का था। इसे सुपीरियर सैजिटल साइनस कहा जाता है। यह मस्तिष्क से रक्त की निकासी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने बताया कि यदि ऑपरेशन के दौरान क्षतिग्रस्त हड्डी को उठाते समय यह रक्त मार्ग खुल जाता, तो एक मिनट में करीब दो लीटर तक रक्त बहने जैसी अत्यंत गंभीर स्थिति पैदा हो सकती थी।
डॉ. दीक्षित के मुताबिक, इस प्रकार की कुछ गंभीर चोटों में मृत्यु या स्थायी विकलांगता जैसी जटिलताओं का जोखिम 40 प्रतिशत से अधिक हो सकता है। हालांकि, यह सामान्य चिकित्सकीय जोखिम का आकलन है, कैप्टन मच्छर के व्यक्तिगत मामले में मृत्यु की संभावना का प्रमाणित आंकड़ा नहीं।
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित न्यूरोसर्जन डॉ. सोनू भास्कर ने भी कैप्टन के सिर पर दिखाई देने वाले बड़े क्रॉस जैसे निशान का विश्लेषण किया। उनके अनुसार, ऐसे निशान गंभीर मस्तिष्क चोट और एक से अधिक बड़े ऑपरेशन की ओर संकेत कर सकते हैं।
डॉ. भास्कर ने संभावना जताई कि मस्तिष्क की सूजन और दबाव कम करने के लिए सर्जनों को खोपड़ी का बड़ा हिस्सा अस्थायी रूप से हटाना पड़ा होगा। हालांकि, सर्जरी की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं होने के कारण तस्वीरों के आधार पर इसकी निश्चित पुष्टि नहीं की जा सकती।
बहादुरी के लिए UAE ने किया सम्मानित, सिर पर सर्जरी के निशानों ने खींचा ध्यान
कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी को देखते हुए संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने 27 अक्टूबर 2026 को अबू धाबी में आयोजित समारोह में उन्हें और फ्लाईदुबई के अन्य क्रू सदस्यों को सम्मानित किया।
उन्हें प्रतिष्ठित ‘फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II’ सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और गंभीर संकट के दौरान साहस दिखाने के लिए दिया गया।
समारोह के दौरान कैप्टन मच्छर यूनिफॉर्म में नजर आए। उनके सिर के पिछले हिस्से में सर्जरी के बड़े निशान और स्टेपल स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। इन तस्वीरों से उनकी चोट की गंभीरता सामने आई।
रिपोर्टों के अनुसार, विमान में मौजूद एक दंत चिकित्सक ने भी हमले के बाद कैप्टन के सिर और हाथ से हो रहे रक्तस्राव को रोकने में महत्वपूर्ण सहायता की थी।
हालांकि कैप्टन मच्छर की रिकवरी उत्साहजनक बताई जा रही है, लेकिन उनके मस्तिष्क पर चोट के दीर्घकालिक प्रभाव और दोबारा विमान उड़ाने की चिकित्सकीय योग्यता का निर्धारण विस्तृत जांच के बाद ही संभव होगा।
इस घटना में कैप्टन स्मित मच्छर का साहस और समय पर मिली चिकित्सा सहायता दोनों ही महत्वपूर्ण साबित हुए। बेहद गंभीर हालत के बावजूद उनकी जान बच सकी और विमान में मौजूद यात्रियों को भी सुरक्षित पहुंचाया गया।
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