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मुंबई :मुंबई में अगर प्रशासन कार्रवाई करने को ठान ले तो फुटपाथ पर एक टेबल भी लगा कर बैठना या धंधा करना यह गुनाह ए अजीम से कम नहीं लेकिन प्रशासन अगर आप पर फिदा है तो फिर पूरी की पूरी बाज़ार ही क्यों न अवैध तरीके से अप लगाएं कोई आपका बाल भी बांका नहीं कर सकता ताज़ा उदाहरण है मुंबई के वाडीबंदर इलाके में बीपीटी की जमीनों पर रोज़ाना मछली बाज़ार लगाई जा रही है हैरानी की बात यह है की यह पूरी तरह से अवैध है लेकिन इसका ठेका ऑयल माफिया मुहम्मद अली के गुर्गों ने लिया है इसलिए प्रशासन बेफिक्र है।
मुंबई :मुंबई में अगर प्रशासन कार्रवाई करने को ठान ले तो फुटपाथ पर एक टेबल भी लगा कर बैठना या धंधा करना यह गुनाह ए अजीम से कम नहीं लेकिन प्रशासन अगर आप पर फिदा है तो फिर पूरी की पूरी बाज़ार ही क्यों न अवैध तरीके से अप लगाएं कोई आपका बाल भी बांका नहीं कर सकता ताज़ा उदाहरण है मुंबई के वाडीबंदर इलाके में बीपीटी की जमीनों पर रोज़ाना मछली बाज़ार लगाई जा रही है हैरानी की बात यह है की यह पूरी तरह से अवैध है लेकिन इसका ठेका ऑयल माफिया मुहम्मद अली के गुर्गों ने लिया है इसलिए प्रशासन बेफिक्र है।आपको बता दें की सुबह 4 बजे तड़के यहां 50 से अधिक गाड़ियों के साथ अवैध तरीके से मछली बाज़ार लगाते हैं चुंकि यह जगहें बीपीटी की हैं और ऑयल माफिया मुहम्मद अली शेख के गुर्गों की यहां दहशत है इसलिए इस जगह से जुड़े विभाग के अधिकारी यह जानते हुए भी इन्हें यहां कारोबार करने की खुली छूट दे रखे हैं।
जानकारी में यह बात सामने आई है की आयल माफिया शेख के गुर्गों ने हर विभाग से साठगांठ की है और और रोज़ाना लाखों रुपए से उन विभाग के अफसरों की जेबें गरम की जाती हैं ताकि वह कार्रवाई को लेकर अपनी आंख और कान बंद रखें।
पिछले साल ऑयल माफिया मुहम्मद अली शेख की कोरोना से मौत हो गई थी लेकिन उसके गुर्गों का आज भी गोदी में सिक्का चलता है।
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