
मुंबई :जैसा कि आप ने पहले प्रकाशित की गई ख़बर में पढ़ा कि मुंबई उर्दू न्युज़ जैसे अख़बार ने अपने कर्माचारियों को बीते 6 महीन से सैलरी नहीं दे रहे खबर लिखने के बाद इसके मालिकों ने कई कर्मचारियों को तो निकाल बाहर किया लेकिन आज तक उनकी भी बकाया सैलरी नहीं दे पाए।
ताज़ा जानकारी में यह बात सामने आई है कि इनके अखबार के कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारी ने सैलरी न मिलने पर अपनी शादी के दौरान दहेज में मिले बर्तन तक गिरवी रख दिए ताकि किसी तरह से उनका गुजारा हो सके। हालांकि इस के बावजूद भी इतनी ढिटाई की पोटली से कर्मचारियो के लिए पैसे नहीं निकल रहे हैं बीते 6 महीने से अखबार कर्मचारियों को पैसे न मिलने की वजह से वह खून के आंसू रो रहे हैं केवल एक वफादार और बुज़र्ग निबंध लेखक शकील रशीद को छोड़ कर ।
इधर निकाले गई कई कर्मचारियों ने अब फैसला लिया है कि वह इस गुंडई के खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई करेंगे और कार्यालय के बाहर धरना देंगे और आखबार मालिकों को सबक सिखा कर दम लेगें ताकि उर्दू और मुसलमानों के नाम पर वह लोगों को बेवकूफ़ बना कर जो अपनी झोली भरते हैं वह किसी तरह से बंद हो जाए।
Bombay leaks उन कर्माचारियों के अधिकारियों के लिए हमेशा आवाज़ उठाते रहेगा जिनका चिंदीचोर अखबार सोषण करते हैं ऐसे भिखमंगों के खिलाफ़ उन कर्मचारियों की आवाज़ हमेशा बुलंद करते रहेगा बले ही ऐसे चिंदीचोर अंडरवर्ल्ड का सहारा लेकर बोतलेबाज़ी करते रहेंगे।
वहीं दसूरी तरफ़ दोनों प्रकाशन के लाले पड़ने की वजह से दोनों अब मांडवाली के कगार पर खड़े हैं लेकिन चच्ची तौथी पास ने भतीजों को छट्टी का दूध याद दिला दिया है और मांडवाली से इंकार कर दिया है।
Bombay leaks जल्द ही इन मालिकों की दास्तान-ए-वसूली प्रकाशित करेगा जब मुंबई में प्रदीप सावंत ने कुत्ते के जैसे पिटाई कर के हिरासत में लिया था और फिर एक बड़े असर-व-रुसूख के दखल के बाद उसे छोड़ा गया था इसके साथ साथ ऑयल माफिया मुहम्मद अली शेख को लेकर भी खुलासा किया जाएगा।
(186014)