
आयल माफिया मंगेश ठाकुर उर्फ हाजी मस्तान
मुंबई : गोदी के आयल माफिया मंगेश ठाकुर हाजी मस्तान उर्फ़ की गिरफ्तारी पूर्व ज़मानत की सुनवाई कल है इससे पहले की हुई सुनवाई में मुंबई पुलिस की ओर से मामले की पैरवी करने के लिए किसी भी अफसर की मौजूदग न होने की वजह से मामाले की सुनवाई कल पर टली थी जबकि मंगेश ठाकुर उर्फ़ हाजी मस्तान की की ज़मानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम रिलीफ़ को बरकरार रखा था।
हालांकि मंगेश ठाकुरर को इसकी भी ज़रूरत नहीं थी क्योंकि तेल माफिया के इश अवैध कारोबरा में मुंबई पुलिस की एसीपी लता दोंड का मंगेश के सर पर हाथ है और यही वजह है कि मामला दर्ज होने के बाद उनके और यलोगेट पुलिस थाने की सीनियर पीआई कपिले के बीच में जम कर ठनाठनी हुई है। क्योंकि मंगेश पर मामला दर्ज होने के बाद ही जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने उसके घर गई थी तो उसी दौरान एसीपी लता दोंड ने मंगेश की पत्नी को फोन कर दिया जिसकी वजह से पुलिसकर्मी मंगेश को गिरफ्तार न कर सके हालांकि वह उस समय अपने घर में था लेकिन एसीपी लता दोंड ने उसके बचाव के लिए जो काल किया वह आयल माफिया मंगेश ठाकुर के लिए डूबते को तिनके का सहारा साबित हुआ।
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इसके बाद ही मंगेश ने गिरफ्तारी पुर्व ज़मानत की अर्ज़ी कोर्ट में दाखिल की है और उसे अंतरिम रिलीफ़ मिली है हालांकि इसकी गिरफ्तारी से मुंबई के अरब सागर मे तेल का अवैध कारोबार पूरी तरह से बंद हो सकती है जो कि मुंबई पुलिस नहीं चाहती क्योंकि ज़ोनल डीसीपी रश्मी करिंदीकर ने कुख्यात आयल तस्कर राजू पंडित को सलाखों के पीछे पहुंचाया जिसकी वजह से गोदी का एकमात्र आयल माफिया मंगेश ठाकुर का ही राज चल रहा था और वह और उसके दर्जनों पटंर धड़ल्ले से तेल का अवैध कारोबार कर रह हैं। चूंकि एसीपी लता दोंड की ओर मंगेश को सहयोग मिलने के कारण स्थानी पुलिस थाने यलोगेट पूरी तरह से लाचार है यही वजह है कि मंगेश पर दर्ज हुई एफआईआर के बाद उसे गिरफ्तार करने में यलोगेट के पसीने छूट रहे थे।
कौन है मंगेश ठाकुर
मुंबई अरब सागर में अवैध रूप से तेल की तस्करी करने वाले राजू पंडित की गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस ने इस बात का दावा किया था कि उन्होंने अरब सागर में तस्करी पर लगाम लग चुका है लेकिन इस गिरफ्तारी के बाद मंगेश ठाकुर की गैंग अरब सागर में सक्रीय हो गई है।
मंगेश ठाकुर राजू पंडित की गिरफ्तारी के बाद उस मामले में मुंबई पुलिस की ओर से गवाह बना है और इस गवाही से मुकरने के लिए मंदेश ठाकुर ने लाखों रुपए की डीमांड की थी। यह बात कुछ अधिकारियों को पता हैओ लेकिन इसके बाद भी उसपर कार्रवाई नहीं कि जा रही।
इसके खिलाफ नई मुबंई के कई पुलिस थानों में अवैध हथियार, लैंगिंक शोषण, मार पीट, तेल तस्करी समेत कई संगीन धाराओं के तहेत मामले दर्ज हैं।
दर असल मुबंई पुलिस के कुछ अफसरों के करीबी होने की वजह से मंगेश ठाकुर ने अरब सागर में अकेले ही अपना साम्राज्य चलाने के लिए फिल्मी तर्ज़ पर छोटे मोटे आयल माफियाओं पर पुलिसिया कार्रवाई करवाई उसके बाद गोदी का एकमात्र तेल तस्कर राजू पंडित के खिलाफ़ कार्रवाई करने के बाद वह एक मात्र आयल माफिया बचा जो अरब सागर पर अपना राज करने लगा।
मुंबई पुलिस के भरोसे को मज़बूत करने के लिए मंगेश ठाकुर ने दूसरे तेल तस्कर के खिलाफ़ बतौर गवाह का किरदार अदा किया ताकि पुलिस का भरोसा जीत सके लेकिन खुद ही तेल के इस गोरख धंधे को अंजाम देने वाला मंगेश ठाकुर फंस गया अब ऐसे में देखने वाली बात होगी की इस बहरुपिये ऑयल माफिया के खिलाफ़ मुंबई पुलिस कार्रवाई करती है या दोस्ती का हक अदा करेगी।
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