Manoj Jarange – मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता **मनोज जरांगे पाटिल** ने महाराष्ट्र की सियासत में एक नया और सनसनीखेज राजनीतिक भूचाल ला दिया है। बीड के नारायणगढ़ में आयोजित दशहरा रैली में इस मुद्दे को उठाने के बाद, जरांगे ने गुरुवार को जालना जिले की अंबड तहसील में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। वहां उन्होंने 32 मिनट की एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग का लगभग 10 मिनट का अंश सुनाया। इस ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर दावा किया जा रहा है कि आंदोलन को खत्म कराने और जरांगे को ‘चुप’ कराने के लिए 500 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ था। जरांगे ने इसे मराठा आरक्षण आंदोलन को अंदर से कमजोर करने और पिछले तीन वर्षों से उनके खिलाफ रची जा रही गहरी राजनीतिक साजिश का पुख्ता सबूत करार दिया और केंद्र व राज्य सरकार से इस पूरे प्रकरण की तत्काल निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
Manoj Jarange – ऑडियो क्लिप में 500 करोड़ के भुगतान का दावा; जरांगे के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव को कुचलने की चर्चा
पत्रकार वार्ता में सुनाई गई रिकॉर्डिंग में कई लोगों की बातचीत दर्ज है, जिसमें एक महिला हिंदी में बात करती सुनाई दे रही है। क्लिप में कथित तौर पर यह दावा किया गया कि जरांगे तक 500 करोड़ रुपये पहुंचाए गए थे और इस बातचीत में अन्य राजनीतिक नेताओं के नामों का भी उल्लेख आया। इसके अलावा, रिकॉर्डिंग में मराठवाड़ा में जरांगे के तेजी से बढ़ते राजनीतिक प्रभाव को रोकने, उनके खिलाफ अन्य मराठा नेताओं को लामबंद करने और आंदोलन की धार कुंद करने की रणनीतियों पर चर्चा होती सुनाई दे रही है। जरांगे ने कहा, “डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मुझसे सबूत मांगा था। यह ऑडियो क्लिप सबूत है कि किस तरह मुझे बदनाम करने और मराठा आरक्षण के संघर्ष को दबाने के लिए सुनियोजित षड्यंत्र रचे जा रहे थे।”
Manoj Jarange – पीएम मोदी, सीएम फडणवीस और शिंदे से की जांच की मांग; और खुलासे करने की दी चेतावनी
मनोज जरांगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से औपचारिक अपील की कि वे इस वायरल ऑडियो क्लिप की सत्यता और इसमें शामिल आवाजों की पहचान के लिए उच्चस्तरीय फॉरेंसिक जांच का आदेश दें। जरांगे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ दुश्मन जैसा बर्ताव किया जा रहा है और समाज के सामने यह सच आना चाहिए कि इस साजिश के पीछे असल में कौन से चेहरे और ताकतें काम कर रही हैं। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि यदि उनके और मराठा आरक्षण आंदोलन के खिलाफ यह षड्यंत्र बंद नहीं हुआ, तो वे आने वाले दिनों में और भी बड़े दस्तावेजी खुलासे करने से पीछे नहीं हटेंगे।
Manoj Jarange – सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने की जांच की मांग; शिंदे ने आरोपों को नकारा, फडणवीस ने दिए फॉरेंसिक जांच के आदेश
इस ऑडियो क्लिप के सामने आते ही महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में तीखे आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि किसी ने भी न 500 करोड़ दिए हैं और न ही लिए हैं; जरांगे को बोलने से पहले तथ्यों की पुष्टि करनी चाहिए। वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं ने इसे एकनाथ शिंदे और पार्टी की छवि खराब करने की साजिश करार दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि महायुति और विपक्ष दोनों ही इस ऑडियो की सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं, इसलिए इस पूरी वायरल क्लिप की फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि यह साफ हो सके कि यह बातचीत कब की है और इसके पीछे किसका राजनीतिक मकसद था।
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