Asian Para Games – जापान के आइची-नागोया में आयोजित 5वें एशियाई पैरा खेल 2026 (Asian Para Games 2026) के पहले ही दिन भारतीय निशानेबाजों ने स्वर्णिम इतिहास रचते हुए ऐतिहासिक शुरुआत की है। महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग (SH1) स्पर्धा में भारत की **मोना अग्रवाल (Mona Agarwal)** ने नया एशियाई पैरा गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए देश के लिए पहला स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया। वहीं, टोक्यो और पेरिस पैरालंपिक की दोहरी स्वर्ण पदक विजेता **अवनि लेखरा (Avani Lekhara)** ने बेहद करीबी मुकाबले में रजत पदक (Silver Medal) जीतकर भारत के लिए पोडियम पर ‘1-2’ फिनिश सुनिश्चित कर दी। मोना ने फाइनल में 250.0 का स्कोर कर नया गेम्स रिकॉर्ड कायम किया, जबकि अवनि महज 0.4 अंक के अंतर से 249.6 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। दक्षिण कोरिया की ली युनरी ने 227.9 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता।
Asian Para Games – पांचवें स्थान से मोना की सनसनीखेज वापसी; आखिरी शॉट में तय हुआ सोने का तमगा
24-शॉट के इस बेहद तनावपूर्ण और सांस रोक देने वाले फाइनल मुकाबले में शुरुआत में डिफेंडिंग चैंपियन अवनि लेखरा लगातार बढ़त बनाए हुए थीं। फाइनल के मध्य चरण में मोना एक समय पांचवें स्थान पर खिसक गई थीं, लेकिन इसके बाद राजस्थान के सीकर की रहने वाली मोना ने धैर्य और अदम्य मानसिक शक्ति का परिचय देते हुए जबरदस्त वापसी की। दूसरी स्टेज की चौथी सीरीज में अवनि के 9.7 के शॉट के बाद मोना ने बढ़त बना ली और लगातार सटीक 10+ स्कोर दागकर शीर्ष स्थान पर कब्जा जमा लिया। यह मुकाबला आखिरी शॉट तक गया, जहां मोना ने 250.0 अंक हासिल कर अवनि के 2023 हांगझोउ गेम्स के 249.6 अंकों के पिछले रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया।
Asian Para Games – अवनि लेखरा ने पक्का किया 2028 लॉस एंजेलिस पैरालंपिक का दूसरा भारतीय कोटा
रजत पदक जीतने के साथ ही अवनि लेखरा ने इस स्पर्धा में भारत के लिए 2028 के लॉस एंजेलिस पैरालंपिक खेलों का दूसरा आधिकारिक कोटा स्थान (Quota Place) भी सुरक्षित कर लिया। इससे पहले मोना अग्रवाल ने पिछले महीने चांगवोन में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए पहला पैरालंपिक कोटा हासिल किया था। इससे पूर्व सोमवार सुबह खेले गए क्वालिफिकेशन राउंड में भी दोनों भारतीय निशानेबाजों ने अपनी श्रेष्ठता साबित की थी, जहां मोना ने 629.1 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था और अवनि 626.4 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर रही थीं। दोनों स्टार निशानेबाजों के इस शानदार प्रदर्शन ने भारत के पैरालंपिक शूटिंग के दबदबे को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया है।
Asian Para Games – पोलियो से जंग जीतकर पोडियम तक पहुंचीं मोना; प्रधानमंत्री ने दी ऐतिहासिक जीत पर बधाई
दो बच्चों की मां 37 वर्षीय मोना अग्रवाल की यह स्वर्णिम यात्रा करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। महज नौ महीने की उम्र में पोलियो का शिकार होने के बाद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और दिसंबर 2021 में प्रतिस्पर्धी शूटिंग में कदम रखने से पहले पैरा-एथलेटिक्स, पावरलिफ्टिंग और सिटिंग वॉलीबॉल में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते। पेरिस पैरालंपिक 2024 में कांस्य जीतने के बाद अब एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपने करियर को नई ऊंचाई दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेल जगत की प्रमुख हस्तियों ने सोशल मीडिया पर मोना और अवनि को इस दोहरी सफलता पर बधाई देते हुए इसे भारतीय खेलों के स्वर्णिम दौर का प्रतीक बताया है।
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