Mumbai Crime Branch – महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। क्राइम ब्रांच ने मामले में लंबे समय से फरार चल रहे वांछित आरोपी मयूर चंद्रकांत ठाकरे को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस हाई-प्रोफाइल पेपर लीक सिंडिकेट में गिरफ्तार होने वाले कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे 17 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसियां अब आरोपी से यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसने प्रश्नपत्र हासिल करने में किन मुख्य बिचौलियों की मदद ली थी और यह सामग्री किन-किन उम्मीदवारों तक पहुंचाई गई थी।
Mumbai Crime Branch – परीक्षा से पहले ही उम्मीदवारों तक पहुंच गए थे सवाल; 26 अगस्त को पकड़े गए थे पहले छह आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि 22 मार्च को आयोजित हुई ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) स्क्रीनिंग परीक्षा से दो दिन पहले यानी 20 मार्च को ही कुछ चुनिंदा उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र या उसके मुख्य सवाल अवैध रूप से उपलब्ध करा दिए गए थे। इसके बाद इन सवालों को सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से गोपनीय तरीके से सर्कुलेट किया गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने ‘महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024’ और ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988’ की सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। इससे पहले 26 अगस्त को क्राइम ब्रांच ने पेपर लीक गिरोह के छह प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी रिमांड हासिल की थी, जिनसे पूछताछ के आधार पर मयूर ठाकरे की भूमिका उजागर हुई।
Mumbai Crime Branch – 506 में से 488 का हो चुका था इंटरव्यू, मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद खुली थी धांधली की पोल
आयोग ने 29 जुलाई 2025 को फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर पद के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसके बाद महाराष्ट्र के छह संभागीय मुख्यालयों पर 22 मार्च को ऑफलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 12 जून को घोषित हुआ था। परिणाम के आधार पर 506 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए पात्र पाया गया, जिनमें से 488 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू 1 जुलाई से 22 जुलाई के बीच पूरे कर लिए गए थे। इसके बाद आयोग ने प्रोविजनल जनरल मेरिट लिस्ट भी जारी कर दी थी। लेकिन 22 से 26 जुलाई के बीच अभ्यर्थियों और जन प्रतिनिधियों से ईमेल के जरिए पेपर लीक और धांधली की ठोस शिकायतें मिलने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
Mumbai Crime Branch – गोपनीयता भंग होने पर पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द; छात्रों के व्यापक आक्रोश के बीच जांच तेज
क्राइम ब्रांच की प्राथमिक जांच में जब यह पुष्टि हो गई कि एक अभ्यर्थी को परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र की अनाधिकृत पहुंच मिल चुकी थी, तो एमपीएससी ने सख्त कदम उठाते हुए ड्रग इंस्पेक्टर पद की पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का औपचारिक निर्णय लिया। इस पेपर लीक के खुलासे के बाद से ही पुणे और राज्य के अन्य शहरों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिला था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मयूर ठाकरे की गिरफ्तारी के बाद अब प्रिंटिंग प्रेस, परीक्षा केंद्रों और कोचिंग सिंडिकेट से जुड़े अन्य संभावित कड़ियों की कड़ाई से पड़ताल की जा रही है ताकि गिरोह की पूरी जड़ तक पहुंचा जा सके।
(4)